चुनावी हार-जीत में अगर पढ़ाई-लिखाई भी कोई मापदंड है तो संभव है बिहार भी उससे अछूता नहीं होगा। बीते चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उसका फायदा भी उठा चुके हैं। अगले साल उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव है। स्कूली पढ़ाई में ज्यादा बढि़या कोशिशें नफा-नुकसान का सबब बन सकती हैं, फिर भी यूपी कई मामलों में बिहार से पीछे है। स्कूली पढ़ाई-लिखाई की मौजूदा स्थितियों पर गौर करें तो बिहार में प्राइमरी स्कूलों में लगभग 15 प्रतिशत और जूनियर हाईस्कूलों में 19 प्रतिशत शिक्षक गैरहाजिर रहते हैं। प्राइमरी के लगभग आधा प्रतिशत स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं पहुंचते। 55 प्रतिशत प्राइमरी व 40 प्रतिशत जूनियर हाईस्कूलों में कोई शिक्षक गैर-हाजिर नहीं होते। बिहार की यह तस्वीर ग्रामीण भारत की स्कूली शिक्षा पर हालिया जारी एक रिपोर्ट से उभरी है। देश के 522 जिलों, 14 हजार से अधिक गांवों के स्कूलों और लगभग सात लाख बच्चों से संपर्क के आधार पर तैयार गैर सरकारी संस्था प्रथम की रिपोर्ट यह भी जानकारी देती है कि उत्तर प्रदेश के प्राइमरी में 19 प्रतिशत शिक्षक गैरहाजिर रहते हैं। इसे जूनियर हाईस्कूलों तक जोड़ दिया जाये तो यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक पहंुच जाता है। यहां भी लगभग आधा प्रतिशत स्कूलों में कई बार कोई शिक्षक नहीं पहुंचता। पढ़ाई-लिखाई का स्तर देखें तो जहां बिहार के कक्षा पांच में पढ़ने वाले 3.2 प्रतिशत बच्चों को अंकगणित में कुछ भी समझ में नहीं आता, वहीं उत्तर प्रदेश के 3.4 प्रतिशत बच्चे कुछ नहीं समझ पाते। रिपोर्ट बताती है कि उत्तर प्रदेश में एक से आठवीं कक्षा तक के 97 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर नहीं है, जबकि बिहार के 91 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर नहीं हैं। साथ ही बिहार के स्कूली बच्चे कंप्यूटर के इस्तेमाल में भी उत्तर प्रदेश से आगे हैं। बिहार में छह से चौदह साल आयु वर्ग के सिर्फ 3.5 प्रतिशत बच्चे अब भी स्कूलों से महरूम हैं, तो उत्तर प्रदेश में 5.2 प्रतिशत बच्चों को अभी भी स्कूल नसीब नहीं हुआ है। जहां तक कक्षा में छात्रों की हाजिरी का सवाल है तो उत्तर प्रदेश में प्राइमरी से जूनियर हाईस्कूल तक कुल छात्रों में से औसतन 42 प्रतिशत छात्र गैरहाजिर रहते हैं। इसमें बिहार का रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश से ज्यादा खराब है। प्राइमरी के औसतन लगभग 46 प्रतिशत व जूनियर हाईस्कूलों में लगभग 44 प्रतिशत छात्र गैरहाजिर रहते हैं(राजकेश्वर सिंह,दैनिक जागरण,दिल्ली,17.1.11)।
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