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14 जनवरी 2011

प्ले स्कूल खूब खुलें तो उम्र का झंझट टले

सरकार की तरफ से लगातार आने वाले निर्देशों ने अभिभावक ही नहीं स्कूल प्रबंधन भी दुविधा में है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि स्कूल सिस्टम तैयार कर सकता है लेकिन पहले सरकार को स्थिर होना प़ड़ेगा। स्कूलवालों का कहना है कि हलफनामे के कारण अभिभावकों में तो दुविधा की स्थिति बन ही रही है, स्कूल प्रबंधन को भी तरह-तरह के सवालों से रू-ब-रू होना पड़ रहा है।

अचानक सरकार के हलफनामे से अभिभावक तो परेशान हैं ही स्कूल भी दुविधा में है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि व्यवस्थाएं कम है लेकिन सरकार सब तरह के प्रयोग कर रही है। हलफनामे में नर्सरी को मेन स्कूल का हिस्सा नहीं माना गया है तो इससे पहले दिल्ली में प्ले स्कूलों अधिक होने चाहिए जिससे ब़ड़े स्कूलों में इस तरह की प्रक्रिया हो ही नहीं। अब जब इतने सालों से प्रक्रिया चल रही है तो इसे अचानक बंद करना संभव ही नहीं है। इस साल यह निर्णय पिछले तीन महीने से चल रहे नर्सरी दाखिलों को ठप करेगा।

एयरफोर्स बाल भारती स्कूल के प्राचार्य आनंद स्वरूप ने बताया कि उनके स्कूल में दाखिले केजी से ही होते हैं। यह दिक्कत उन स्कूलों के साथ आ रही है जिन स्कूलों में नर्सरी है। द्वारका माउंट कारमल स्कूल के प्राचार्य वीके विलियम्स कहते हैं कि सरकार खुद ही नहीं तय कर पाती है कि क्या करना है। अगर सरकार चाहती है कि स्कूलों की शुヒआत केजी से हो तो पहले ऐसी व्यवस्था करे जिससे कि ब़ड़े स्कूलों में नर्सरी हो ही नहीं। वैसे भी तीन साल का बच्चा बहुत छोटा होता है। अगर सरकार इसे लागू करना चाहती है तो पहले दिल्ली में प्ले स्कूलों की संख्या ब़ढ़ाए। अधिकांश स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अभिभावक स्वयं ही बच्चों को स्कूलों में भर्ती करना चाहते हैं जिससे कि बच्चा अनुशासन में रहे। 


स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अगर स्कूलों के पास व्यवस्थाएं तो इसमें सरकार को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अभिभावक भी एक बार दाखिला करवाने के पक्ष में ही है। वहीं लगातार अभिभावकों के विरोध से सरकार ने भी इस फैसले को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। शिक्षा निदेशालय के मुताबिक इसे तुरंत लागू नहीं किया जाएगा।

अभिभावकों की परेशानी
-नर्सरी के लिए दौ़ड़भाग, प्रॉस्पेक्टस की मनमानी कीमत, डोनेशन और फिर केजी के लिए दोबारा यही सब बहुत मुश्किल


-स्कूलों में केजी के लिए बहुत कम सीट होती है। अधिकांश स्कूल नर्सरी के बच्चों को ही केजी में प्रमोट करते हैं।


-दिल्ली के बहुत कम स्कूल केजी से शुरुआत करने वाले।


-सभी स्कूल नर्सरी से ही केजी में बच्चों को प्रमोट करते हैं।


डीपीएस मथुरा रोड में ९० में से दिए जाएंगे अंक
डीपीएस मथुरा रोड में अभिभावकों को ९० में से अंक दिए जाएंगे। अभिभावकों के विरोध और दिशा-निर्देशों के उल्लघन से स्कूल ने स्पोर्ट्सपर्सन के प्वाइंट को हटा दिए हैं। बाकी प्वाइंट घर से स्कूल की दूरी, ट्रांसफर केस, गर्ल चाइल्ड, सिबलिंग और एल्युमनाई को दिए गए हैं(नई दुनिया,दिल्ली,14.1.11)।

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