करियर में ऐसे अवसर आते हैं जब बदलाव की जरूरत महसूस होने लगती है। ऐसा क्यों होता है? शायद तब जब आपको लगने लगता है कि काम में आपका मन नहीं लग रहा है या मौजूदा से बेहतर कुछ नजर आ रहा हो। संभव है आपकी कंपनी में ही कुछ कमी हो। ऐसे और भी कारण हो सकते हैं, जो आपकी मौजूदा करियर में अरुचि पैदा कर रहे हों। कैसे करें करियर बदलने की प्लानिंग, बता रहे हैं श्याम नारायण प्रधानः
यदि आपको करियर में बदलाव की जरूरत महसूस हो रही है तो सबसे पहले इतना करना है कि घबराहट या जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। पहले इस अहसास को पूरी तरह परख लें कि क्या वाकई इस करियर में वह बात नहीं रही जिसके लिए आपने इसे चुना था। इसके पुख्ता होते ही एक खाका तैयार करें कि क्या करना है। ऐसे कम से कम दस कदम हैं जिन्हें सही तरीके से अपनाने से बदले हुए करियर में भी सफल होना सुनिश्चित हो जाता है। ऐसे अध्ययन भी हैं जो दर्शाते हैं कि नौकरी तलाशने वाले औसत अभ्यर्थी जीवन में कई बार करियर (नौकरी नहीं) बदलते हैं।
पसंद-नापसंद का आकलन
कई लोग ऐसे होते हैं जो सिर्फ इसलिए नौकरी बदलते हैं कि उन्हें उनका काम, उनका बॉस या फिर कंपनी पसंद नहीं आ रही है। लिहाजा, सबसे पहले कदम के तौर पर आपको यह देखना होगा कि आपको क्या पसंद नहीं है। तथापि, जब तक आपको यह पता नहीं होगा कि आपको क्या पसंद है, तब तक आपको यह तय करने में आसानी नहीं होगी कि करियर के बदलाव की दिशा क्या हो। यह समझने की कोशिश करें कि वह कौन सा काम है जिसे करना आप सबसे ज्यादा ऑफिस में पसंद करते हैं या खाली समय में करना चाहते हैं। किसमें आप ज्यादा उत्साहित महसूस करते हैं और अपने अंदर एक नई ऊर्जा का संचार होता पाते हैं। क्या कुछ ऐसा भी है जिसके लिए आप दीवानगी की हद तक जा सकते हैं।
नए करियर पर अध्ययन
यदि आप अपने जुनून को पहचानने का काम कर लेते हैं, तो कुछ समय इस बात पर भी लगाइए कि वे कौन-कौन से नए करियर हो सकते हैं, जो आपकी पसंद की दायरे में आते हैं। इस बात से परेशान न हों कि आप पूरी तरह आश्वस्त या सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं क्योंकि बदलाव के समय ऐसा अक्सर होता है। खोज की गहराई इस बात पर भी निर्भर करेगी कि आप किस किस्म का बदलाव करने जा रहे हैं, जैसे आप हैं तो अध्यापक और बनना चाहते हैं, सुरक्षा विशेषज्ञ या आप बैंक एग्जीक्यूटिव हैं और वेब पोर्टल चलाना चाहते हैं। इस काम में अपनी मदद के लिए आप किसी करियर काउंसलर की भी मदद ले सकते हैं।
क्या साथ ले जा सकते हैं
जो काम आप फिलहाल कर रहे हैं, उनमें कुछ ऐसे हुनर भी होंगे जो आपके नए करियर में काम आएंगे, जैसे संवाद क्षमता, नेतृत्व क्षमता, लेखन क्षमता व अन्य। ये कुछ ऐसी दक्षताएं हैं जो आपके नए करियर में भी उतना ही काम आएंगी जितना वर्तमान में आ रही हैं। आपको यह जान कर सुखद आश्चर्य होगा कि आपके नए करियर के लिए आपके पास काफी कर सकते हैं।
प्रशिक्षण एवं शिक्षा
आप जिस नए करियर की ओर जा रहे हैं, वहां आपको इस बात की जरूरत महसूस होगी कि उससे जुड़ी और दक्षताओं को हासिल किया जाए और अपनी जानकारी का दायरा बढ़ाया जाए। धीरे-धीरे ही सही, लेकिन आप ऐसा जरूर करें। जो हुनर आपको सीखने की जरूरत है, उसका क्या आप अपने वर्तमान करियर में भी इस्तेमाल कर सकते हैं और अपने नियोक्ता से यह जानने की कोशिश करें कि क्या उस हुनर के आधार पर आपको कुछ बेहतरी का लाभ मिल पाएगा। और फिर उसे धीरे-धीरे सीखा जाए। इतना तो ध्यान रखना ही पड़ेगा कि जहां से आप कोर्स करने जा रहे हैं, वह मान्यता प्राप्त हो।
नेटवर्किग
नए करियर की तरफ कदम बढ़ाने के समय सबसे अधिक जरूरी है आपके जान-पहचान का दायरा ठीक हो। आपके दायरे में ऐसे लोग होने चाहिए जो नई नौकरी के बारे में सही समय पर जानकारी दे सकें, आपको सलाह दे सकें, किसी खास कंपनी के बारे में सही और सटीक सूचना दे सकें और सबसे जरूरी यह कि आपको दूसरे ऐसे लोगों से मिलवा सकें जो आपके नेटवर्क को बड़ा कर सकें। संभव है कि आपको यह लगे कि मेरा तो ऐसा कोई नेटवर्क ही नहीं है, लेकिन ऐसा तभी तक लगेगा जब तक आप अपने मित्रों, रिश्तेदारों व जान-पहचान के अन्य लोगों से बात नहीं करते। किसी पेशेवर कंपनी की मदद ले सकते हैं। अपने सहपाठियों को तलाश सकते हैं, जिससे भी आप मिलें उससे अन्य लोगों के बारे में पूछें जो मदद कर सकते हैं।
अनुभव
करियर बदलने का आपका निर्णय एक कठिन निर्णय है, लिहाजा आपको मान कर चलना है कि आप एक ऐसे मुकाम पर खड़े हैं जहां से कई रास्ते निकलते हैं। आपके नए करियर की ओर जाने वाली राह को ठीक से जानने के लिए आप या तो उस क्षेत्र में पार्ट टाइम काम कर सकते हैं या स्वेच्छा से कहीं बिना किसी भुगतान के काम कर सकते हैं ताकि नई राह को समझा जा सके।
विश्वसनीय सलाहकार
करियर में बदलाव लाना जीवन का एक बड़ा निर्णय है जो आपके दिलो-दिमाग पर दबाव डाल सकता है। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि आपके पास एक ऐसा विश्वसनीय सलाहकार हो जो इन दिनों में आपको ठीक सलाह दे सके। साथ में यह भी संभव है कि आप उसके नेटवर्क का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, यह कोई जरूरी नहीं कि सलाहकार कोई उच्च पदस्थ व्यक्ति ही हो और अगर ऐसा हो तो आपकी सफलता की राह थोड़ा आसान हो जाती है।
कंपनी में आना-जाना
कुछ लोग ही ऐसा कर पाते हैं कि वे अपना करियर तो बदलते हैं, लेकिन अपना नियोक्तता नहीं बदलते। कुछ ही ऐसे प्रगतिशील सोच वाले नियोक्ता होते हैं जो अपने एक कर्मचारी को जो एक खास भूमिका में काम कर रहा है, दूसरी भूमिका देने को तैयार हो जाएं। लिहाजा, ऐसा हो सकता है कि आपको अपना नियोक्ता बदलना पड़े, लेकिन आप अपने वर्तमान नियोक्ता को नजरअंदाज न करें।
लचीला रुख
करियर बदलने के क्रम में आपको हर मामले में अपना रुख लचीला रखना पड़ेगा चाहे वह पद का मामला हो या स्थान का या फिर वेतन का। अपने लिए सकारात्मक लक्ष्य निर्धारित करें, लेकिन निराश न हों।
(हिंदुस्तान,दिल्ली,17.1.11)
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