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17 जनवरी 2011

हिमाचलःपटवारी की तसदीक पर ही मिलेगी पेंशन

देवभूमि हिमाचल में अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीवित होने की तसदीक ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) करेंगे। पटवारी के तसदीक करने के बाद संबंधित तहसीलदार पेंशनधारक को जिंदा होने का प्रमाण-पत्र जारी करेंगे। इसके बाद ही पेंशनधारकों को उनकी पेंशन मिल सकेगी। जिला कोष अधिकारी टीसी ठाकुर ने बताया कि वित्त आयोग से निर्देश हैं कि पटवारी की तसदीक व तहसीलदार के हस्ताक्षर वाले जीवित होने के प्रमाण पत्र पेंशनरों से लिए जाएं। उन्होंने बताया कि पेंशनर अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा करवा रहे हैं, जो पेंशनर प्रमाण पत्र जमा नहीं करवाएंगे उनकी पेंशन रुक सकती है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। अभी तक पेंशनधारक जीवित होने का प्रमाणपत्र खुद ही बनाते रहे हैं। कांगड़ा जिले में वर्तमान में करीब 20 हजार पेंशनधारक हैं, जबकि प्रदेश में यह आंकड़ा एक लाख के करीब है। हिमाचल प्रदेश वित्त नियम के तहत पेंशनरों की साल में एक बार पहचान करवाना जरूरी है। पहले यह पहचान बैंक कर रहे थे, लेकिन उसके बाद से कोष अधिकारी व उपकोष अधिकारी के पास यह शक्ति थी। पेंशनर को खुद ही कोष अधिकारी के पास अपना जीवित होने का प्रमाण पत्र देने को कहा जाता था। कांगड़ा जिले के 12 हजार पेंशनर जीवित होने का प्रमाण पत्र देने नहीं आए। इसके चलते ही ये निर्देश जारी किए गए हैं(नीरज व्यास,दैनिक जागरण,धर्मशाला,17.1.11)।

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