माध्यमिक शिक्षा मंडल छात्रों के साथ कई वर्षो से ठगी कर रहा है। यहां आने वाले छात्रों का समय पर काम करना तो दूर उल्टे उनसे समय पर काम पूरा न करने बाद भी अधिक राशि वसूली जा रही है। माध्यमिक शिक्षा मंडल में डुप्लीकेट अंकसूची, अंकसूची सत्यापन आदि के लिए विभिन्न राशि वसूली जाती है। मंडल के सूचना पटल पर डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 50 रुपए शुल्क लिखा गया है। जिसके बाद पंद्रह दिनों में डुप्लीकेट अंकसूची प्राप्त होगी। शीघ्रता शुल्क 70 रुपए जमा करने पर मात्र दो दिन में अंकसूची प्रदान कर दी जाएगी। डुप्लीकेट अंकसूची निकलवाने वाले अधिकांश छात्रों से माशिमं द्वारा 70 रुपए शीघ्रता शुल्क ही भरवाया जाता है। इनमें 95 प्रतिशत लोगों को दो दिन में कभी भी मार्कशीट नहीं मिली। इतना ही नहीं पंद्रह दिवस में मंडल के मार्कशीट देने के दावे भी हवा ही होते है। डुप्लीकेट अंकसूची निकलवाने या सत्यापन करवाने वाले छात्रों को पंद्रह दिनों के बाद भी मंडल के महीनों चक्कर काटना पड़ते है। बावजूद इसके दोषी अधिकारियों पर मंडल आज तक कोई कार्यवाही नहीं कर पाया है। नहीं दी जाती छात्रों को सही जानकारी : मंडल में डुप्लीकेट अंकसूची या सत्यापन कराने से संबंधित आने वाले छात्रों को संशोधन के लिए जमा कराने वाले दस्तावेजों के संबंध में सही जानकारी नहीं दी जाती है। कई बार मंडल में इन छात्रों को दस्तावेज जमा करने के नाम पर ही एक टेबल से दूसरी टेबल पर भटकाया जाता है। काम जल्दी करने के लिए राशि भी मांगी जाती है। बावजूद इसके अधिकारियों की निश्चित समय में काम करने की जबावदेही तय नहीं की गई है(दैनिक जागरम,भोपाल,17.1.11)।
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