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17 जनवरी 2011

यूपी एसटीएफ ने पकड़ा मुन्ना भाइयों का गिरोह

प्रतियोगी परीक्षाओं में जालसाजी कर वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर दूसरों को बैठाकर परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के सरगना समेत सात सदस्यों को एसटीएफ ने रविवार को कानपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ कानपुर के स्वरूप नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। गिरोह के पास से छह मोबाइल और एक क्वालिस बरामद की गई। यह मोटी रकम लेकर जयपुर, बेंगलूर आदि स्थानों पर मेडिकल, आइआइटी व आइआइएम की परीक्षाओं में सेटिंग कराता था। लखनऊ में एसटीएफ की विज्ञप्ति के अनुसार सात लोगों के गिरोह को रविवार को होने वाली भारतीय स्टेट बैंक की क्लर्क परीक्षा में पैसा लेकर अभ्यर्थियों के स्थान पर साल्वर्स को बिठाने के आरोप में पकड़ा गया। एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का संचालन महेन्द्र नाम का एक व्यक्ति कर रहा है। एसटीएफ की टीम ने कानपुर के परीक्षा केंद्र के बाहर से महेन्द्र सिंह और उसके चार साथियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि अभ्यर्थी गिरिराज कुमार यादव, अभिषेक पाण्डेय व आकाश तलवार के स्थान पर साल्वर्स को बिठाया जाना था। इन अभ्यर्थियों की परीक्षा ओइएस इंटर कालेज निकट नाना राव पार्क, फूलबाग, कानपुर विद्या मंदिर महिला इंटर कालेज स्वरूप नगर में होनी थी। एसटीएफ की टीम ने निरीक्षण किया तो गिरिराज के स्थान पर बैठने वाला साल्वर्स नहीं आया था, लेकिन अभिषेक के स्थान पर नवीन वाजपेयी तथा आकाश के स्थान पर मुकेश परीक्षा देते पकड़ा गया। इन दोनों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। महेन्द्र सिंह व श्याम प्रकाश ने प्रत्येक अभ्यर्थी को पास कराने के लिए 5.25 लाख रुपये तय किये थे, जिसमें 30 हजार रुपये एडवांस लिये जा चुके थे। परीक्षा समाप्त होने पर 15-15 हजार रुपये और नौकरी में चयन होने पर पांच लाख रुपये लिये जाने थे। भूपेन्द्र वर्मा और सुभाष वर्मा जी.डी. आई.आई.टी. क्लासेज के नाम से कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाते हैं। यह गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। इनका नेटवर्क कई राज्यों में फैला है(दैनिक जागरण,लखनऊ,17.1.11)।

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