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18 जनवरी 2011

उदयपुरःएमपीयूएटी के अधीन ही रहेगा फिशरीज कॉलेज

एमपीयूएटी का संघटक फिशरीज कॉलेज अब वेटरनरी विश्वविद्यालय बीकानेर का हिस्सा नहीं बनेगा।

राज्य सरकार के पशुपालन विभाग ने फिशरीज कॉलेज को महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ही अधीन रखने के आदेश जारी किए हैं। राज्य सरकार के इस निर्णय से विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों व छात्रों में हर्ष की लहर है। उल्लेखनीय है कि गत अक्टूबर माह में फिशरीज महाविद्यालय को वेटरनरी विवि बीकानेर के अधीन करने के आदेश के बाद गठित संघर्ष समिति, उदयपुर के जागरूक संगठनों, समाजसेवी, अध्यापकों की ओर से निरंतर आंदोलन किया जा रहा था।

दैनिक भास्कर ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। संघर्ष समिति, एमपीयूएटी प्रशासन व अध्यापकों की मेहनत आखिरकार रंग लाई और सरकार को फिशरीज कॉलेज को पुन: एमपीयूएटी का संघटक कॉलेज होने का आदेश निकालना पड़ा। एमपीयूएटी के कुलसचिव फुरकान खान ने बताया कि राजस्थान सरकार के पशुपालन विभाग ने फिशरीज कॉलेज को महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का संघटक मानते हुए नवीन आदेश जारी किए हैं।

4 करोड़ विकास कार्य पर होंगे खर्च: वर्ष 2010,11 के बजट भाषण में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में एक फिशरीज महाविद्यालय उदयपुर में स्थित एमपीयूएटी के अधीन खोलने तथा इसे प्रारंभ करने के लिए 4 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। फिशरीज कॉलेज इंचार्ज प्रो. विमल शर्मा ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत फिशरीज कॉलेज के लिए एमपीयूएटी को एक करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके हैं। जिससे महाविद्यालय में विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं।


शेष 3 करोड़ रुपए की भी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इस वर्ष 25 छात्रों ने फिशरीज स्नातक व 4 छात्रों ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है तथा वर्तमान में यही छात्र प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे हैं। इस वर्ष विवि की अकादमिक परिषद द्वारा स्वीकृति के बाद इस महाविद्यालय मेंपीएचडी पाठ्यक्रम में भी प्रवेश दिए गए हैं। फिशरीज कॉलेज को एमपीयूएटी का संघटक मानने संबंधी आदेश जारी होने के बाद विवि के प्राध्यापकों व छात्रों में खुशी है। संघर्ष समिति के डा. उमाशंकर शर्मा, डा. सुरेन्द्र कोठारी, डा. सोफिया गिर, डा. सुमन सिंह, करण सिंह शक्तावत, योगेन्द्र भट्ट, माधवलाल जाट ने सरकार के इस आदेश पर आभार जताया है।


कॉलेज का होगा विकास: एमपीयूएटी कुलपति प्रो. एस.एस. चाहल ने सरकार के इस निर्णय पर प्रसन्नता जताई। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी फिशरीज कॉलेज के लिए प्रयास किए हैं। फिशरीज कॉलेज को राजस्थान के अच्छे कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां बिल्डिंग व स्टाफ की कमी को शीघ्र पूरा करने के साथ ही नया शैक्षणिक सत्र भी आरंभ कर दिया जाएगा(दैनिक भास्कर,उदयपुर,16.1.11)।

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