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21 जनवरी 2011

व्यावसायिक शिक्षा का रास्ता साफ

देश में व्यावसायिक शिक्षा का एक अलग और नया ढांचा तैयार करने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। ज्यादातर राज्यों ने राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) की इस नई पहल पर अपनी रजामंदी दे ही है। जबकि आगामी मई महीने तक कैरीकुलम (पाठ्यचर्या) भी तैयार कर लेने पर सहमति बन गई है। एक बार यह सब मुकाम तक पहंुच गया तो सरकार की मंशा इसे माध्यमिक व्यावसायिक शिक्षा की केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में चलाने की भी है। राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा अर्हता की रुपरेखा पर आम राय बनाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से गुरुवार को यहां व्यावसायिक शिक्षा मंत्रियों की बुलाई गई बैठक की खास बात यह रही कि किसी ने उस पर एतराज नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक सभी राज्यों को उन्हें अपने यहां के उद्योगों के लिहाज कैरीकुलम में अपने सुझाव देने की छूट दी गई है। राज्यों से आये सुझावों के आधार पर उनका एक अलग कैरीकुलम तैयार होगा, जो बाद में मुख्य कैरीकुलम में शामिल किया जाएगा। राज्यों के कैरीकुलम को बनाने के लिए राज्यों के मंत्रियों की एक समिति भी बनेगी। राज्यों ने इस समिति के गठन के लिए मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल को अधिकृत कर दिया है। बैठक में व्यावसायिक शिक्षा के पाठ्यक्रम को आठ स्तरीय बनाने पर सहमति बनी है, जिसमें औपचारिक व अनौपचारिक व्यावसायिक शिक्षा का प्रावधान होगा। मसलन नियमित पढ़ाई से अलग भी व्यावसायिक शिक्षा दी जा सकेगी। ऐसे में उसका रास्ता मदरसों की पढ़ाई से भी खुल सकता है। जबकि क्रेडिट ट्रांसफर का भी विकल्प होगा। मतलब यह कि एक संस्थान से एक कक्षा में पढ़ाई करने के बाद बाकी की पढ़ाई दूसरे संस्थान से पूरी की जा सकेगी। इतना ही नहीं, स्कूल के अलावा कार्यस्थलों, दूरस्थ शिक्षा एवं प्रशिक्षण जैसे रास्ते से व्यावसायिक शिक्षा हासिल की जा सकेगी। सरकार की मंशा व्यावसायिक शिक्षा में छात्रों की भागीदारी को बढ़ाकर फिलहाल 25 प्रतिशत करने की है, जो अभी महज 4.8 प्रतिशत ही है। जबकि जर्मनी में 65 प्रतिशत और तेजी से विकास कर रहे पड़ोसी देश चीन के 50 प्रतिशत छात्र व्यावसायिक शिक्षा हासिल कर रहे हैं। व्यावसायिक शिक्षा के इस एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) अपने लगभग साढ़े 11 हजार स्कूलों में खाली समय (दूसरी या पहली पॉली) में टाइपिंग, स्टेनोग्राफी, कंप्यूटर प्रशिक्षण, क्राफ्ट व अन्य व्यावसायिक शिक्षा के कार्यक्रम को चलाने का दिशानिर्देश पहले ही जारी कर चुका है(दैनिक जागरण,दिल्ली,21.1.11)।

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