स्ववित्त पोषित संस्था के रूप में स्थापित इलाहाबाद विश्वविद्यालय का पत्राचार संस्थान इन दिनों सुर्खियों में है। संस्थान के कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। इससे नाराज कर्मचारी गत 12 दिनों से कुलपति कार्यालय का घेराव कर रहे हैं। मांग है कि उनकी समस्याओं के स्थायी निराकरण हेतु प्रक्रिया अविलम्ब शुरू की जाए। कर्मचारी राज्य विवि अधिनियम की दुहाई देकर कैंपस में विलय की मांग कर रहे हैं, जबकि विवि उनकी समस्या यूजीसी के मानकों के तहत हल करने प्रयास कर रहा है। अवकाश पर चल रहे संस्थान के निदेशक प्रो. बी.एन. मिश्र सोमवार को वापस लौटे। उनका कहना है कि स्थाई समाधान की पहल की जा रही है। कर्मचारियों के कार्य से विरत रहने से संस्थान की शिक्षण व्यवस्था बिगड़ रही है। कर्मचारी प्रतिनिधि रामानुज सिंह का कहना है कि इस बार हमारी समस्या का स्थाई समाधान जरूरी है। कर्मचारी ऋण द्वारा वेतन स्वीकार नहीं करेंगे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजे पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पत्राचार संस्थान, इविवि के समस्त कर्मचारियों की नियुक्ति केंद्रीय विवि अधिनियम लागू होने से पूर्व की है। विवि प्रशासन को यथा स्थिति बनाते हुए यहां के कर्मचारियों के लिए स्थायीकरण की पहल शुरू करनी चाहिए(दैनिक जागरण,इलाहाबाद,18.1.10)।
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