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18 जनवरी 2011

यूपीःहड़ताली वकीलों के ख़िलाफ कार्रवाई के आदेश

उच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय वृहदपीठ ने बार कौंसिल को हड़ताली वकीलों व आपराधिक छवि वाले वकीलों के विरुद्ध कार्यवाही करने का आदेश दिया है। साथ ही निर्बाध रूप से अदालती कार्यवाही जारी रखने के मुद्दे पर पक्ष रखने के लिए प्रदेश के महाधिवक्ता को नोटिस जारी की है। अदालत ने कहा है कि सुनवाई की अगली तिथि नौ फरवरी को वह अदालत में उपस्थित होकर पक्ष रखें। वृहद पीठ ने राज्य सरकार को भी निर्देश दिया है कि शेट्टी आयोग की सिफारिशों व जिला अदालतों में न्यायाधीशों की संख्या व न्यायालयों की संख्या बढ़ाने के हाईकोर्ट के प्रस्ताव पर विचार कर अवगत कराएं। लोक अभियोजकों की कमी के चलते आपराधिक मुकदमों की सुनवाई में हो रही देरी के चलते राज्य सरकार से कहा है कि पर्याप्त संख्या में अधीनस्थ न्यायालयों में लोक अभियोजकों की नियुक्ति की जाए। वृहदपीठ ने बार कौंसिल से कहा है कि अधिवक्ता पंजीयन के समय आवेदक के बारे में पुलिस रिपोर्ट मंगा कर उचित कार्यवाही करें। साथ ही केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों को विधि स्नातक परीक्षा परिणाम वेबसाइट पर जारी करने का भी निर्देश दिया है और कहा है कि विश्वविद्यालय बार कौंसिल द्वारा मांगी गयी सूचना की जानकारी उसे उपलब्ध कराए। वृहदपीठ ने बार कौंसिल से कहा है कि वह आवेदकों व वकीलों से आश्वासन ले ले कि वे हरीश उप्पल केस के फैसले का पालन करेंगे जिसमें अपरिहार्य होने पर एक दिन की हड़ताल की अनुमति दी गई है। न्यायालय ने कहा है कि इसके विपरीत जिला अदालतों में लंबी हड़तालों की सूचना मिल रही है। न्यायालय ने बार कौंसिल व राज्य सरकार से हलफनामा मांगा है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश एफआई रिबेलो, न्यायमूर्ति यतींद्र सिंह, न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल, न्यायमूर्ति सुनील अम्बवानी तथा न्यायमूर्ति विनीत सरन की वृहदपीठ ने अधीनस्थ न्यायालयों में छुट्टी बहाली मामले की सुनवाई करते हुए दिया है(दैनिक जागरण,इलाहाबाद,18.1.11)।

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