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10 जनवरी 2011

एमसीडी स्कूल के छात्रों के लिए बनी खेल नीति

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाने के लिए विशेष खेल नीति बनाई है। निगम का मानना है कि विदेशों की तर्ज पर अगर बच्चों को कम उम्र में ही खेल का प्रशिक्षण मिले तो वह राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में जरूर देश का नाम रोशन करेंगे। इसके लिए हर स्कूल से 10 बच्चों का चयन किया जाएगा। उन्हें विशेष खेल प्रशिक्षण के साथ वजीफा भी दिया जाएगा। खेलनीति के लिए नए वर्ष के बजट में एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है। एमसीडी की विशेष खेलकूद समिति ने यह नीति तैयार की है। निगम की स्थायी समिति से पारित होते ही अगले शैक्षणिक सत्र में इसे लागू कर दिया जाएगा। समिति का मानना है कि विदेशों में खिलाड़ी इसलिए नाम कमाते हैं, क्योंकि उन्हें बचपन से ही खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन भारत में अभी ऐसी व्यवस्था नहीं है। अब एमसीडी ने अपने स्कूली बच्चों को जिमनास्टिक, जूडो, ताइक्वांडो, स्विमिंग, बॉक्सिंग आदि की ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है। समिति के चेयरमैन अजीत सिंह टोकस के अनुसार इसके लिए सबसे पहले विशेष खेल शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। उसके बाद हर स्कूल से 10 प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया जाएगा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं दी जाएंगी। चयन किए गए बच्चों को विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार खाना देने के साथ-साथ हर माह एक हजार रुपये का वजीफा भी दिया जाएगा। अगर बच्चा राष्ट्रीय सब जूनियर प्रतियोगिता में नाम रोशन करता है तो उसे 10 से 20 हजार रुपये भी दिए जाएंगे(दैनिक जागरण,दिल्ली,10.1.11)।

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