प्राइवेट स्कूलों पर शिक्षा विभाग के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की छापेमार कार्रवाई में एक प्राइवेट स्कूल का फर्जीवाड़ा कुछ यूं खुला कि अधिकारी हैरान रह गए। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार बागरियावास के गांव नावलाई स्थित सनराइज शिक्षण संस्थान पहुंचे और रिकॉर्ड की जांच शुरू की तो धीरे-धीरे फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगी।
स्कूल में आठवीं की मान्यता पर 12वीं तक कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। यहां तक की स्कूल में मौजूद सभी शिक्षकों की डिग्रियां भी दूसरों की थी। तहसीलदार रवि विजय ने बताया कि स्कूल ने शिक्षकों की उपस्थिति के दो रजिस्टर डाल रखे थे। जिनमें से एक रजिस्टर में सात शिक्षकों के नाम दर्ज थे। इन शिक्षकों की उपस्थिति सिर्फ चार जनवरी तक ही दर्ज थी। जबकि दूसरे उपस्थिति रजिस्टर में छह अध्यापकों के नाम लिखे हुए थे। इन नामों के सामने एक की भी योग्यता नहीं दशाई हुई थी। छह शिक्षकों में से महज तीन ही शिक्षक स्कूल में मौजूद थे। इनके अलावा तीन शिक्षक और स्कूल में मौजूद थे, जिनका नाम उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नहीं था।
स्कूल में दो उपस्थिति रजिस्टर व तीन अन्य शिक्षकों को देखकर तहसीलदार को शक हुआ। उन्होंने सात शिक्षकों की डिग्रियां अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद उन्होंने स्कूल संचालक से शिक्षकों के बारे में पूछा। संचालक घबरा गया और उसने स्कूल में मौजूद शिक्षकों को उन सात शिक्षकों में से छह के नाम बताकर भेज दिया। तहसीलदार ने एक-एक शिक्षक से नाम और क्वालिफिकेशन पूछना शुरू किया तो फर्जीवाड़ा खुलता चला गया। शिक्षकों ने नाम तो सही बताए, लेकिन पिता का नाम व क्वालिफिकेशन नहीं बता सके। उनसे डिग्री लेकर जांच की तो उन्होंने उन सात शिक्षकों की बताकर दे दी।
जांच में हुआ खुलासा: जांच में यह भी पता चला कि स्कूल के पास सिर्फ आठवीं तक की ही मान्यता है, जबकि स्कूल में 12वीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हंै। तहसीलदार ने बताया कि उन्होंने स्कूल संचालक शिवपाल जाट से स्कूल के मान्यता संबंधी रिकॉर्ड लेकर जांच की तो पता चला कि स्कूल के पास आठवीं तक ही मान्यता है। जबकि कक्षाएं 12वीं तक की संचालित की जा रही थीं। इतना ही नही जब उन्होंने रिकार्ड खंगाला तो प्रवेश रजिस्टर जो कि संस्था प्रधान द्वारा प्रमाणित नही था, उसमें १क्३ विद्यार्थियों का अंकन किया हुआ था, जबकि विद्यालय की कक्षा एक से आठ के छात्र उपस्थित रजिस्टर में १२५ विद्यार्थियों के नाम अंकन किए हुए मिले।
हर तरफ फर्जीवाड़ा:
शिक्षा विभाग द्वारा अर्धवार्षिक परीक्षाओं के दौरान स्कूलों में मारे गए छापों में भी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े मिले थे। आठवीं की मान्यता पर 12वीं तक की कक्षाएं संचालित होती हुई मिली तो कुछ जगह दो कमरों में ही स्कूल संचालित की जा रही थी। प्रैक्टिकल एग्जाम के दौरान अब तक 110 स्कूलों की जांच में 70 स्कूलों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े मिले हैं। स्कूलों में बिना प्रयोगशालाओं के ही परीक्षाएं करवाई जा रही थी। स्कूलों की जांच रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को भिजवाई गई है।
शिकायतों के बाद सनराइज शिक्षण संस्थान की जांच कराई गई थी। स्कूल में पूरी तरह फर्जीवाड़ा पाया गया। आठवीं की मान्यता पर 12वीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही है तो स्कूल में मौजूद शिक्षक भी फर्जी थे। शिक्षा विभाग को इस संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है। - राधेप्रतापसिंह, एसडीएम, श्रीमाधोपुर
एसडीएम के निर्देश पर सनराइज शिक्षण संस्थान की जांच की गई थी। स्कूल में हर स्तर पर फर्जीवाड़ा मिला। जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है। - रवि विजय, तहसीलदार, श्रीमाधोपुर(राजस्थान पत्रिका,श्रीमाधोपुर,4.2.11)
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