मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

04 फ़रवरी 2011

बिहारःनिजी स्कूलों पर कसेगा शिकंजा

राज्य सरकार निजी स्कूलों की नकेल कसने की तैयारी कर रही है. सूबे के सभी निजी स्कूलों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा. मानव संसाधन विकास विभाग ने इसकी तैयारी शु कर दी है. मानव संसाधन विकास विभाग के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी.

कोर्ट का आदेश आने तक आरटीइ लागू
उन्होंने कहा-शिक्षा का अधिकार (आरटीइ) लागू है. बीते दिनों डीएम के साथ बैठक में निजी स्कूलों के संचालकों ने कोर्ट में जाने की बात कही थी. जब तक कोर्ट से कोई आदेश नहीं आ जाता या सरकार उसे मान नहीं लेती, आरटीइ कानून पूरी तरह लागू है. इसी के तहत राज्य सरकार निजी स्कूलों पर निगरानी रखने के लिए एक समिति बनाने पर विचार कर रही है.


जिला स्तर पर गठित होने वाली समितियां स्कूलों का रजिस्ट्रेशन करेंगी. भले ही स्कूलों का रजिस्ट्रेशन आइसीएसइ, सीबीएसइ या बिहार बोर्ड से ही क्यों न हो, लेकिन यह रजिस्ट्रेशन भी जरी होगा. कुछ शर्तो के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद निजी स्कूल अगर उनका उल्लंघन करेगा, तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. इसके तहत उनका रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है.

अलग से क्लास लेने की अनुमति नहीं
कमजोर वर्ग के 25 प्रतिशत बच्चों के नामांकन में निजी स्कूलों के अड़ियल रवैये के सवाल पर प्रधान सचिव ने कहा कि आरटीइ में यह अतिआवश्यक है और राज्य सरकार इस पर अमल करने के लिए प्रतिबद्ध है.

अगर कोई स्कूल यह सोचता है कि वह कमजोर वर्ग के बच्चों को अलग से क्लास लेगा, तो उसकी अनुमति नहीं दी जायेगी. पढ़ने में कमजोर बच्चों को अलग से क्लास देना होगा. राज्य सरकार एक बच्चे की पढ़ाई पर लगभग 2800 रुपये सालाना देगी. नामांकन के समय बच्चों का टेस्ट, पढ़ाई के दौरान पिटाई या अभिभावकों से साक्षात्कार लेने पर पूरी तरह पाबंदी है. इसके अलावा जिन अभिभावकों को लगता है कि उनके बच्चों के साथ ज्यादती हो रही है, वे बाल श्रम आयोग में इसकी शिकायत कर सकते हैं. 

आयोग निजी स्कूल या सरकार को निर्देश देने के लिए स्वतंत्र है. आरटीइ का पूरी तरह से अनुपालन नहीं होने को स्वीकारते हुए प्रधान सचिव ने कहा कि निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने से पहले अभी राज्य सरकार की ओर से भी काफी काम किये जाने हैं.सलाहकार की भूमिका निभायेगी राज्य सरकारनिजी स्कूलों में बेतहाशा फीस के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है. स्कूलों को मान्यता देने वाले संस्थानों को इसकी निगरानी करनी चाहिए. 

लेकिन, राज्य सरकार का यह सोच है कि निजी स्कूलों द्वारा वसूली जा रही फीस पर कम-से-कम सलाहकार के तौर पर अपनी भूमिका अदा करे. स्कूल फीस पर नियंत्रण करने के लिए विचार चल रहा है और इसके लिए शीघ्र ही ठोस कार्रवाई की जायेगी. 34,500 शिक्षकों की बहाली का मामला सुप्रीम कोर्ट में बताते हुए प्रधान सचिव ने कहा कि यह जरी नहीं है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले शिक्षक ही बन जाएं.

नेट की तरह ही पात्रता परीक्षा एक अभ्यर्थी को शिक्षक की योग्यता का प्रमाणपत्र देगा.राशि बढ़ीउन्होंने कहा कि साइकिल योजना में दो हजार के बजाय 2500 रुपये, एक से आठ वर्ग तक के सभी छात्रों को पोशाक, नौ से 12 वर्ग तक की छात्राओं को पोशाक के लिए एक हजार रुपये, शैक्षणिक टूर में अब स्कूलों को पांच हजार के बजाय 10 हजार रुपये दिये जा रहे हैं.

हुनर योजना के तहत अब राज्य सरकार अपना स्टेट ओपेन स्कूल खोलेगी, जो सिलेबस बनाने के साथ ही परीक्षा आयोजित करेगा और छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार पठन-पाठन की प्रक्रिया को पूरा करेगा. मिड डे मील में रसोइये को एक हजार रुपये दिये जा रहे हैं(प्रभात खबर,पटना,4.2.11).

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।