उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) से सम्बद्ध गाजियबाद के एक निजी संस्थान के एक छात्र ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा उनकी शुल्क अदायगी में देरी करने पर संस्थान ने 30 दलित छात्रों का जबरन मुंडन करा दिया। संस्थान ने आरोपों से इंकार किया है।
यह घटना पिछले महीने इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) के इंजीनियरिंग विभाग में हुई। इस घटना को लेकर बी.टेक के छात्रों ने गुरुवार को प्रदर्शन की शुरुआत की।
छात्र शिवेश ने कहा कि राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा इंस्टीट्यूट को भेजे जाने वाले शुल्क में देरी किए जाने से छात्रों का अपमान हुआ।
उसने बताया, "चार छात्रों विपिन कुमार राणा, अश्विनी कुमार, दिनेश कुमार और मनीष मौर्या ने मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को अपनी लिखित शिकायत दी है।"
शिवेश ने बताया कि इस घटना के बाद जिलाधिकारी और पुलिस के अधिकारियों ने संस्थान का दौरा किया और संस्थान के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
संस्थान के निदेशक प्रबल चक्रवर्ती ने दलित छात्रों के साथ बदसलूकी की घटना से इंकार किया। उन्होंने कहा, "हमने संस्थान में किसी नाई की नियुक्ति नहीं की है।"(दैनिक भास्कर,गाजियाबाद,4.2.11)
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