मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

04 फ़रवरी 2011

मध्यप्रदेशः31 फीसदी अंक में ही पास होंगे बीई छात्र

बीई छात्रों के लिए अच्छी खबर है। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) ने परीक्षा में पास होने के लिए 35 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब छात्र ३१ फीसदी अंक लाने पर भी पास हो सकेंगे। हालांकि, ऐसे छात्रों को ‘डी’ ग्रेड दी जाएगी। नई व्यवस्था से करीब 67 हजार छात्रों को लाभ मिलेगा।

ग्रेडिंग सिस्टम लागू होने के बाद आरजीपीवी ने बीई छात्रों को पास होने के लिए चार फीसदी अंकों की छूट दी है। इसके तहत छात्र किसी भी विषय में 31 अंक लाने पर पास हो सकेंगे, जबकि पहले ३५ अंक लाना अनिवार्य था। ग्रेडिंग सिस्टम के तहत छात्रों को 70 अंक का थ्योरी पेपर देना होगा। इसमें पास होने के लिए न्यूनतम अंक 22 लाने होंगे। वहीं, 30 अंक की प्रत्येक विषय में प्रायोगिक परीक्षा होगी। इसमें पास होने के लिए छात्र को 10 अंक लाने होंगे।

67 हजार छात्रों को मिलेगा फायदा:
सत्र 2010-11 में बीई प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश ले चुके 67 हजार छात्रों को ग्रेडिंग का लाभ मिलेगा। एमआईटीएस के निदेशक प्रो. संजीव जैन का कहना है कि अब बहुत कम अंक लाने वाले छात्रों को एटीकेटी का लाभ दिया जाएगा।

ग्रेडिंग सिस्टम पर सवाल:

एक कॉलेज के निदेशक का कहना है कि एक तरफ जहां अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने बीई में प्रवेश के लिए १२वीं में 50 प्रतिशत अंक निर्धारित कर दिए हैं। वहीं आरजीपीवी ने बीई में पास होने के लिए 31 फीसदी अंक लाना अनिवार्य किया है। पास होने के लिए इतने कम अंक निर्धारित किए जाने के कारण छात्रों के करियर पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। 

मिलेगा रिजल्ट सुधारने का मौका
जिन छात्रों की ‘डी’ ग्रेड आएगी, वे तीन विषयों में प्रतिशत सुधार के लिए आवेदन भी कर सकते हैं। आरजीपीवी प्रबंधन के मुताबिक इसके लिए छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए पूरा मौका मिलेगा।

ग्रेडिंग सिस्टम सराहनीय है
आरजीपीवी द्वारा लागू किया गया ग्रेडिंग सिस्टम सराहनीय है। इससे अधिक से अधिक छात्र लाभान्वित होंगे।
प्रो. पीएस बिसेन, चेयरमैन, विक्रांत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस(दैनिक भास्कर,ग्वालियर,4.2.11)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।