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04 फ़रवरी 2011

मनचाहा संकाय चाहिए तो गंभीर हों दसवीं के छात्र

दसवीं के बाद ग्यारहवीं में मनचाहे स्ट्रीम में दाखिला पाने के लिए छात्रों को परीक्षा गंभीरता से देनी होगी। छात्रों को ग्यारहवीं में दाखिले का आधार ग्रेड प्वाइंट के निकाले गए कम्युलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज (सीजीपीए) के आधार पर ही होगा।

२०१० से दसवीं के नतीजे ग्रेडिंग से जारी हुए हैं। लेकिन नतीजों के गणित थोड़ी दुविधा अभिभावकों और छात्रों को अब भी है। सबसे बड़ी उलझन इस बात को लेकर है कि स्कूल स्ट्रीम किस आधार पर देगा। सीबीएसई के निर्देशों के मुताबिक स्कूल सीजीपीए के आधार पर बच्चों को दाखिला दें। अगर किसी स्ट्रीम में दाखिले के लिए दो या दो से अधिक छात्रों का सीजीपीए समान है तो निर्धारित विषय में उसका ग्रेड प्वाइंट देखा जाएगा। स्कूलों को दुविधा से निकालने के लिए बोर्ड ने तीनों स्ट्रीम के लिए विषयों को निर्धारित किया है जिसमें एक भाषा के साथ प्रमुख विषय के अधिक सीजीपीए को आधार बनाया जाएगा।

सीबीएसई के मुताबिक विज्ञान वर्ग के लिए भाषा के साथ ही गणित और विज्ञान के सीजीपीए को देखा जाएगा। कॉमर्स में भाषा के साथ गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के सीजीपीए को ध्यान में रखा जाएगा। आटर्स के लिए भाषा के साथ ही सामाजिक विज्ञान और दो अतिरिक्त भाषा में अधिक ग्रेड प्वाइंट के आधार को समान ग्रेड वाले बच्चों के टाई को तोड़ने के लिए आधार बनाया जाएगा। काउंसलर का कहना है कि दसवीं के छात्रों में कई तरह की दुविधा है। छात्रों के लिए भी ग्रेड प्वाइंट समझना जरूरी है जिससे उन्हें समझ आए कि किस आधार पर स्ट्रीम मिलेगा(नई दुनिया,दिल्ली,3.2.11)।

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