मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

03 फ़रवरी 2011

दिल्लीःजेजे कॉलोनी में खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर नौनिहाल

भलस्वा जेजे कॉलोनी स्थित दिल्ली सरकार के राजकीय सह शिक्षा माध्यमिक विद्यालय के बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अदूरदर्शिता से विद्यालय को दो वर्ष पूर्व अपग्रेड कर कक्षा आठ से बढ़ाकर कक्षा दस तक कर दिया गया है। लेकिन विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था को नजरअंदाज कर दिया गया। भलस्वा जेजे कॉलोनी में राजकीय सहशिक्षा माध्यमिक विद्यालय का शुभारंभ पांच वर्ष पूर्व किया गया था। स्थानीय लोगों की मांग पर विद्यालय को दो वर्ष पूर्व अपग्रेड कर 10वीं तक कर दिया, लेकिन विद्यालय में कमरों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। स्कूल में कुल आठ कमरे हैं, जिसमें शिक्षक कक्ष भी शामिल है। शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम से जुड़े विकास ने बताया कि विद्यालय की एक-एक कक्षा में 80 से 85 बच्चे हैं। ये छात्र-छात्राएं कमरों के अभाव में लाइब्रेरी, कंप्यूटर, विज्ञान की प्रयोगशाला, विद्यालय परिसर व मैदान में बैठने को मजबूर हैं। जिससे उनकी प्रयोगात्मक कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। भलस्वा डेरी में कोचिंग चलाने वाले योगेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या करीब 890 है और शिक्षक महज 12 हैं। संस्कृत के तीन, अंग्रेजी व विज्ञान के दो, हिंदी और सामाजिक ज्ञान के एक-एक शिक्षक के पद रिक्त हैं। इसके अलावा विद्यालय में लिपिक, चपरासी, चौकीदार और सफाई कर्मियों का भी अभाव है। इससे छात्रों और शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। समस्या से अवगत है निदेशालय उत्तर पश्चिम ए जिले की उप शिक्षा निदेशक नीना कुमारी का कहना है कि विद्यालय में कमरे बनाने के लिए पर्याप्त जगह है। नए कमरे बनाने की योजना प्रस्तावित है(संजय राय,दैनिक जागरण,बाहरी दिल्ली,3.2.11)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।