दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में वर्ष 2011 में शुरू हो रहे सत्र से सभी कोर्सो में सेमेस्टर सिस्टम लागू होगा। सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए डीयू के कुलपति ने यह साफ कर दिया है। कुलपति प्रो. दिनेश सिंह ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि सेमेस्टर सिस्टम छात्रों की जरूरत है और इसे शीघ्रता से लागू किया जाना जरूरी है। छात्र भी पुराने पाठ्यक्रमों में बदलाव चाहते हैं। यह बदलाव सेमेस्टर सिस्टम से ही संभव है। उन्होंने बताया कि प्राध्यापकों से संवाद के दौरान साफ हो गया कि उन्हें सेमेस्टर सिस्टम से एतराज नहीं है। वे इसके लिए तैयार सिलेबस को लेकर चिंतित दिखाई दिए। उनकी चिंता दूर करने के लिए कारगर उपाय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विवि के 13 साइंस कोर्सो में पहली बार सेमेस्टर परीक्षा हुई। मीडिया के माध्यम से मिली फीडबैक में छात्रों ने सेमेस्टर सिस्टम का स्वागत किया। परीक्षा के दो हफ्ते बाद ही परिणाम आने से छात्र काफी खुश दिखे। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधि (एक्सट्रा करिकुल्म एक्टिविटी) के लिए हमने अलग से कई योजनाएं बनाई हैं और छात्रों को उन योजनाओं से जल्द ही जोड़ा जाएगा। डीयू में उच्च शिक्षारत मानव संसाधन की प्रतिस्पर्धा विश्व के अन्य युवाओं से है। ऐसे में शैक्षणिक सुधार के लिए सेमेस्टर सिस्टम लागू करना जरूरी है। शिक्षकों ने सेमेस्टर सिस्टम पर सहमति प्रकट की है। उनका विरोध सिलेबस व किताबों का हिंदी भाषा में उपलब्ध न हो पाना था। इस बारे में विवि अनुवाद ब्यूरो गठित करने जा रहा है जिसमें पुस्तकों का अनुवाद किया जाएगा। इससे यह समस्या भी समाप्त हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विवि के सभी शिक्षक योग्य और कुशल हैं। वह छात्रों की परेशानी समझते हैं, इसलिए सेमेस्टर सिस्टम लागू होगा। विज्ञान विषयों में सेमेस्टर सिस्टम छात्रों को पसंद आया, अन्य विषयों में भी सेमेस्टर सिस्टम छात्रों को रास आएगा(दैनिक जागरण,दिल्ली,3.2.11)।
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