मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

02 फ़रवरी 2011

एमसीडी के स्कूलों में फर्जी बच्चे!

अब एमसीडी स्कूलों में फर्जी बच्चों का मामला प्रकाश में आया है। एमसीडी के स्कूलों में 9,75,127 बच्चे पढ़ रहे है, वहीं 9,94,418 बच्चों को मिड डे मील मुहैया कराया जा रहा है। इस तरह दोनों आंकड़ों में बच्चों की संख्या में 19,291 अंतर है। दिलचस्प बात यह है कि एमसीडी रोजाना 9,94,418 बच्चों को मिड डे मील मुहैया कराने का भुगतान कर रही है। इस तरह मिड डे मील में रोजाना करीब 50 हजार रुपये का घोटाला हो रहा है।
बजट भाषण के दौरान विपक्ष के नेता जयकिशन शर्मा ने बताया भाजपा के विजय प्रकाश पांडेय ने 18 जनवरी को स्थायी समिति की बैठक में मिड-डे-मील के बारे में अल्पकालिक प्रश्न पूछा था। अधिकारियों ने बताया था कि मिड-डे-मील योजना के अंतर्गत वर्तमान में 9,94,418 बच्चों को मिड-डे-मील दिया जा रहा है। उधर, शिक्षा समिति के अध्यक्ष महेंद्र नागपाल ने बजट भाषण में प्राथमिक एवं नर्सरी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 9,75,127 बताई थी। इस प्रकार विद्यालयों में मिड-डे-मील खाने वाले 9,94,418 बच्चे हैं, विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 9,75,127 है। इसतरह रोजाना 19,291 बच्चे मिड डे मील खाने के लिये कहां से आ जाते हैं? या फिर उनका मिड डे मील कौन खा रहा हैं? उधर, शिक्षा समिति के अध्यक्ष महेंद्र नागपाल का कहना है कि अधिकारियों ने पुराने आंकड़े दिए हैं। इसी कारण बच्चों की संख्या में अंतर सामने आया है(अमर उजाला,दिल्ली,2.2.11)।

नई दुनिया की रिपोर्टः
विद्यालयों में बांटे जाने वाले मिड डे मील की गुणवत्ता पर तो हमेशा सवाल उठते रहे हैं। लेकिन अब इसे कुछ ऐसे बच्चे भी खा रहे हैं जो वास्तविकता में हैं ही नहीं। यह आंकड़ों की बाजीगरी है या नगर निगम में फैले भ्रष्टाचार का एक और नमूना कि निगम के प्राथमिक विद्यालयों में मौजूदा छात्रों से २० हजार ज्यादा बच्चों को मिड डे मील बांटा जा रहा है। आश्चर्य की बात है कि इस ओर न तो सत्ता पक्ष के नेताओं का ध्यान जा रहा है और ना ही इससे जुड़े अधिकारियों का।

फिलहाल नगर निगम के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या ९,७५,१२७ है। जबकि निगम के रिकार्ड के अनुसार रोजाना ९,९४,४१८ बच्चों को मिड डे मील बांटा जा रहा है। मंगलवार को बजट की विशेष बैठक में प्रतिपक्ष के नेता जयकिशन शर्मा ने सवाल उठाया कि आखिर २० हजार बच्चों का भोजन कौन डकार रहा है।

यह घोटाला दिल्ली के सभी बारह जोन में चल रहा है। १८ जनवरी को स्थायी समिति सदस्य विजय प्रकाश पांडे द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में निगम अधिकारियों ने मिड डे मील खाने वाले बच्चों की संख्या ९,९४,४१८ बताई है। जबकि जनवरी माह में ही शिक्षा समिति का बजट पेश करते हुए शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ महेंद्र नागपाल ने निगम विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या ९,७५,१२७ बताई है।

विपक्ष ने सीधे आरोप लगाया है कि निगम के विद्यालयों में मिड डे मील मुहैया कराने वाले संगठनों के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत है। लगभग २० हजार बच्चों के मिड डे मील के पैसे इन लोगों की जेब में जा रहे हैं।

जोन-संख्या
शहरी क्षेत्र १८,८५८

दक्षिणी क्षेत्र ६६,९३६

नजफगढ़ क्षेत्र ९८,४६२

सदर पहाड़गंज क्षेत्र १६,९८५

करोलबाग क्षेत्र ३८,२८८

मध्य क्षेत्र १,०७,०४०

सिविल लाइंस क्षेत्र ८८,०५२

नरेला क्षेत्र ६१,५१३

पश्चिमी क्षेत्र १,१९,९०९

शाहदरा उत्तरी क्षेत्र १,४७,५११

शाहदरा दक्षिण क्षेत्र ९६,३६९

रोहिणी क्षेत्र १,३४,४९५

1 टिप्पणी:

  1. हा हा हा
    MCD में कुछ भी हो सकता है.
    यह संस्था CPWD के बाद, देश की सबसे करप्ट व सबसे नकारा संस्थाओं में से एक है. एक से एक छटे हुए लोग इसे चलाते हैं.

    जवाब देंहटाएं

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।