मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

03 फ़रवरी 2011

यूपीःरोजगार सेवकों को दोबारा नहीं मिलेगा रोजगार

मनरेगा के तहत ग्रामीण रोजगार सेवकों को अब दोबारा रोजगार नहीं मिलेगा। इनका हर तीसरे वर्ष नए सिरे से चयन किया गया जाएगा। हाईकोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार के शासनादेश को सही करार दिया है। कोर्ट ने कहा है कि हर तीन साल पर नए सिरे से रोजगार सेवकों की नियुक्ति का नियम सही है। इसके साथ ही कोर्ट ने शासनादेश को खारिज करने वाले एकल पीठ के आदेश को रद कर दिया है। प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल विशेष याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति अमिताव लाला और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने दिया। विशेष अपील में एकलपीठ के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें हर तीसरे वर्ष नए सिरे से ग्राम रोजगार सेवकों की नियुक्ति को असंगत और अविवेकपूर्ण करार दिया गया था। प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता वीके सिंह और मुख्य स्थायी अधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने कहा कि मनरेगा का लक्ष्य पूरा करने और गांव के युवकों को सौ दिन के रोजगार की गारंटी पूरा करने के लिए तीन वर्ष के बाद नए सिरे से रोजगार सेवकों की नियुक्ति करने का नियम सही है। अदालत ने कहा कि यदि पुराने ग्राम रोजगार सेवकों को नवीनीकरण के द्वारा पुनः नियुक्ति दी जाती है तो नए युवकों को रोजगार नहीं मिल सकेगा। इस प्रकार से बहुत से लोगों को सौ दिन के रोजगार की गारंटी का लाभ नहीं मिल सकेगा(अमर उजाला,इलाहाबाद,3.2.11)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।