सेहत को ध्यान में रखते हुए इससे संबंधित शोधकार्यों की जरूरत हमेशा पड़ती रहती है। खासकर इन्फेक्शन और वायरस जनित नई-नई बीमारियों के उपचार में तो शोधकार्यों के बगैर बात बन ही नहीं सकती। ऐसे में छात्रवृत्ति अथवा फेलोशिप के माध्यम से इन्हें और बल मिलता है। वैक्सीन रिसर्च इनोवेशन (वीआरआई) अवार्ड्स भी ऐसे रिसर्च के लिए अत्यंत मददगार हैं। इसके लिए चुने गए युवा वैज्ञानिकों को ट्रांसलेशन हेल्थ साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (टीएचएसटीआई) के अंतर्गत वैक्सीन एंड इन्फेक्शस डिजीज रिसर्च सेंटर (वीआईडीआरसी) में काम करना होगा। टीएचएसटीआई भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है।
शैक्षणिक योग्यता
इसके लिए अभ्यर्थियों के पास मॉडर्न बायोलॉजी की किसी भी फील्ड में पीएचडी की डिग्री होनी चाहिए। उनको प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी विशेषज्ञता और दिलचस्पी इन्फेक्शस डिजीज/वैक्सीन रिसर्च में होगी।
कितनी रकम
अभ्यर्थियों को प्रतिमाह 40,000 रुपये की राशि दी जाएगी। सामान्यतः यह छात्रवृत्ति 3 वर्षों के लिए दी जाती है, जिसे बेहतर काम को ध्यान में रखते हुए 2 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। साथ ही शर्त यह भी है कि अभ्यर्थी कोई अन्य स्कॉलरशिप या सैलरी न ले रहा हो।
आवेदन-प्रक्रिया
अपने बायोडाटा के साथ आवेदन-पत्र एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस (पी ऐंड ए) के नाम दिए गए पते पर भेजें। किसी साइंस जर्नल में प्रकाशित कम-से-कम अपनी दो रचनाएं भी साथ में भेजें(अमर उजाला,1.2.11)।
उपयोगी जानकारी ...आपका प्रयास युवाओं के लिए भविष्य के नए द्वार खोलता है ....आपका आभार
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