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03 फ़रवरी 2011

बोर्ड व स्कूल परीक्षा का पाठ्यक्रम होगा समान

सीसीई के लागू होने से दसवीं में बोर्ड की वैकल्पिक परीक्षा व स्कूल में होने वाली परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों को लेकर जारी गफलत को सीबीएसई ने दूर कर दिया है।

सीबीएसई ने साफ किया है कि परीक्षा चाहे स्कूल की हो या फिर बोर्ड की, पाठ्यक्रम सेमेटिव-टू का ही पूछा जाएगा। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वह अपने शिक्षकों के माध्यम से बच्चों व उनके अभिभावकों के बीच इस व्यवस्था का निरंतर प्रचार करे, ताकि किसी तरह का भ्रम छात्रों में न रहे।

बोर्ड के डॉयरेक्टर अकेडमिक शशिभूषण की ओर से जारी निर्देशों के तहत इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि अभी भी मार्च में होने वाली दसवीं की परीक्षाओं को लेकर छात्र परेशान हैं।

उन्होंने प्रिंसिपलों को साफ किया है कि बोर्ड या स्कूल दोनों की परीक्षाओं में पाठ्यक्रम सभी का एक समान होगा और सेमेटिव-टू के तहत हुई पढ़ाई के आधार पर ही छात्रों का मूल्यांकन होगा।


उन्होंने यह भी साफ किया है कि बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्रों का प्रारूप भी सैम्पल पेपर्स के रूप में वेबसाइट पर उपलब्ध है। जहां से जानकारी ले छात्र अपनी तैयारी को बेहतर कर सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही इन प्रश्नपत्रों की प्रिंटेड कॉपी भी अपने पब्लिकेशन सेंटर पर उपलब्ध करा दी जाएगी। 


मानवाधिकार का पाठ पढ़ाने की मुहिम
अक्सर मानवाधिकार हनन को लेकर विरोध का सामना करने वाले पुलिस महकमे को अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ही तमाम बारीकियों से अवगत कराने जा रहा है। 

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के साथ मिलकर एनएचआरसी ने खासतौर पर पांच दिन का एक ऐसा ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है जिसके जरिए ऑनलाइन पढ़ाई मुमकिन है।

मैदान गढ़ी स्थित इग्नू के परिसर में इस पाठ्यक्रम का शुभारंभ एनएचआरसी के प्रमुख जस्टिस केजी बालाकृष्णनन ने किया। इस प्रोग्राम के जरिए दिल्ली, हरियाणा व यूपी पुलिस अकेडमी के अधिकारियों को मानवाधिकार की बारीकियां बताई जा रही हैं।

विश्वविद्यालय की इस पहल पर कुलपति प्रो. वीएन राजशेखरन पिल्लई का कहना था कि इस प्रोग्राम का मूल उद्देश्य मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हमारी पहुंच करीब 35 लाख छात्रों के बीच है और इनकी उम्र 6 से 90 साल के बीच है। 

इग्नू ही देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जहां एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर विशेष प्रोग्राम उपलब्ध है। 

हमारी कोशिश है कि देश व समाज में अपराध कम हो सके एनएचआरसी प्रमुख केजी बाला कृष्णनन ने इस मौके पर कहा कि इग्नू का प्रयास सराहनीय है और हम चाहते हैं कि एक बेसिक कोर्स भी जल्द शुरू हो जो निचले स्तर के पुलिस अधिकारियों के लिए हिंदी में उपलब्ध हो। अगले चरण में इसे क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा(दैनिक भास्कर,दिल्ली,3.2.11)।

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