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03 फ़रवरी 2011

डीयूःसेमेस्टर सिस्टम पर नो यू टर्न

डीयू टीचर्स ने वाइस चांसलर से संवाद के दौरान सेमेस्टर सिस्टम को रिव्यू करने की मांग की थी लेकिन यूनिवर्सिटी ने साफ कर दिया है कि जुलाई 2011 से ग्रैजुएशन के हर कोर्स में सेमेस्टर लागू हो जाएगा। वीसी प्रो. दिनेश सिंह ने बताया कि सेमेस्टर सिस्टम से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है और स्टूडेंट्स को नए सेशन में सेमेस्टर के हिसाब से ही पढ़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर स्कीम में जो नए कोर्स तैयार किए जाएंगे, उनमें टीचर्स की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और यूनिवर्सिटी नियमों के मुताबिक ही कोर्स तैयार होंगे।

प्रो. सिंह ने कहा कि डीयू ने अपना अजेंडा तैयार कर लिया है और उसी के मुताबिक आगे बढ़ा जाएगा। नए अजेंडे को कामयाब बनाने के लिए सेमेस्टर स्कीम को हर कोर्स में लाया जाना जरूरी है और इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्स तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि टीचर्स की आपत्ति सेमेस्टर सिस्टम की प्रक्रिया को लेकर है और इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि टीचर्स के सुझावों को पूरी गंभीरता के साथ लिया जाए। पिछले साल ग्रैजुएशन लेवल पर साइंस के 13 कोर्सेज में ही सेमेस्टर लागू हो पाया था लेकिन इस साल साइंस के बाकी बचे कोर्सेज के अलावा कॉमर्स व आर्ट के भी सभी कोर्सेज सेमेस्टर स्कीम में देखने को मिलेंगे।

दरअसल बीते मंगलवार को वीसी से संवाद के बाद टीचर्स ने सेमेस्टर को लेकर जमकर सवाल किए और कहा कि एनुअल सिस्टम को क्यों बदला जा रहा है? टीचर्स ने क्लासरूम में स्टूडेंट्स की संख्या पर भी सवाल उठाया था और कहा था कि सेमेस्टर स्कीम तभी कामयाब हो सकती है जब क्लासरूम में टीचर-स्टूडेंट रेश्यो 1:18 तक हो लेकिन अभी तक क्लास में 60 से भी ज्यादा स्टूडेंट्स होते हैं। इस मसले पर डीयू अधिकारियों का कहना है कि सेमेस्टर सिस्टम को लागू करने के साथ-साथ कॉलेजों में इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार की दिशा में भी काम किया जा रहा है। डीयू के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में समय लगेगा, इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि एकदम से सारे सुधार हो जाएं(नवभारत टाइम्स,दिल्ली,3.2.11)।

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