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03 फ़रवरी 2011

नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयःअगले वर्ष से शुरू होगी पढ़ाई

नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्र्वविद्यालय की कुलपति गोपा सभरवाल ने कहा कि भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। वे बुधवार को स्थानीय परिसदन में पत्रकारों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि नालंदा विवि विश्र्व के मानचित्र पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करायेगा। एक-दो दिन में विवि के लिए अधिग्रहित जमीन तथा वहां हो रहे कार्यो का जायजा लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि ग्लोबल इंटरनेशनल डिजाइन पर आधारित इस विवि में फिलहाल सात विधाओं की पढ़ाई शुरू की जायेगी। यदि सबकुछ ठीक ठाक रहा तो वर्ष 2012 में यहां पठन-पाठन प्रारंभ कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि लैंड डेवलपलमेंट का कार्य शुरू कर दिया गया है। फरवरी में ही विवि के नियंत्रण बोर्ड की बैठक होने वाली है, जिसमें सभी विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पहले फेज में पीजी की पढ़ाई होगी। फरवरी में मीटिंग के बाद दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया जायेगा, जिसमें नालंदा विवि के कार्यो की रूपरेखा की जानकारी देश-विदेश के मीडिया प्रतिनिधियों को दी जायेगी। चीन ने एक मिलियन डालर का सहयोग किया है। जिससे विवि में लाइब्रेरी का निर्माण होगा। वहीं आस्ट्रेलिया व सिंगापुर ने भी सहयोग के लिए हामी भरी है। कुलपति ने बताया कि विवि के भवन निर्माण सहित अन्य कार्यो को मूर्त रूप देने के लिए विवि गवर्निग बाडी के चेयरमैन अम‌र्त्य सेन 5 फरवरी को नालंदा पहुंच रहे हैं। डा. गोपा सभरवाल ने कहा यह उनके लिए महज एक काम ही नहीं बल्कि जीवन की सबसे बड़ी चुनौती है। दिल्ली से नालंदा आकर मैं इस प्रोजेक्ट को इसलिए तैयार कर रही हूं क्योंकि यह पूरे विश्र्व को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगा। इस विवि के निर्माण से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत ही अच्छा संदेश जायेगा। विवि में सबसे ज्यादा जोर अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर आधारित विषयों की पढ़ाई पर होगा। यह ग्लोबल विश्र्वविद्यालय बनेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इतनी बड़ी जवाबदेही हमें दी है(दैनिक जागरण,बिहारशरीफ,3.2.11)।

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