चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बुधवार देर रात प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों की हड़ताली नर्सो को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही हड़ताल में शामिल नर्सिग स्कूलों की छात्राओं को हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हड़ताल कर रहीं नर्सो की जायज मांगें पूरी कर दी गई हैं। उनकी सेवानिवृत्ति की आयुसीमा बढ़ाने की मांग पर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा की जा रही है। इसके बाद भी मेडिकल कॉलेजों से संबंद्ध अस्पतालों की नर्से हड़ताल कर रही हैं।
चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री महेंद्र हार्डिया ने निलंबन के आदेश जारी करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एस्मा लागू होने के बाद भी नर्से हड़ताल कर रही हैं। इसलिए निलंबन आदेश जारी किए गए हैं।
मांगों के लिए ताक पर रखा फर्ज
स्टाफ नर्सेस की हड़ताल के पहले ही दिन हमीदिया और सुल्तानिया अस्पताल की चिकित्सा सुविधाएं चरमराती दिखाई दीं। गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध दोनों ही अस्पतालों के वार्डो में भर्ती मरीज ड्रेसिंग और इंजेक्शन को लेकर परेशान होते रहे।
कॉलेज प्रबंधन ने हड़ताली नर्सो की कमी पूरी करने के लिए प्राइवेट नर्सिग कॉलेजों की स्टाफ नर्सो की डच्यूटी लगाई, लेकिन ये कोशिश महज खानापूर्ति तक ही सिमटकर रह गई।
प्रदेश के पांचों मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों की स्टाफ नर्सेस एस्मा को नजरअंदाज करते हुए छठे वेतनमान और अन्य 6 मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर हैं। हमीदिया अस्पताल के हड्डी रोग वार्ड में भर्ती रामकिशोर कुशवाह सारा दिन ड्रेसिंग नहीं होने से परेशान रहे। वार्ड के पलंग नंबर 12 पर भर्ती श्री कुशवाह के सिर में 8 टांके लगे हैं। इसके अलावा उनका बायां पैर भी टूटा हुआ है।
जब उन्होंने ड्यूटी नर्स से ड्रेसिंग के लिए कहा तो उन्हें जवाब मिला कि ड्रेसिंग शुक्रवार को होगी। कुछ ऐसे ही हाल मेडिसिन वार्ड के भी रहे। मरीज अनीस खान यहां आंतों की सूजन का इलाज कराने के लिए भर्ती हैं।
दर्द से कराहते अनीस ने बताया कि सूजन और तकलीफ कम करने के लिए उन्हें रोजाना तीन इंजेक्शन लगाए जाते थे, लेकिन आज एक भी नहीं लग सका है। जब उन्होंने डच्यूटी नर्स से पेट दर्द की शिकायत की तो उन्हें एक दर्द निवारक गोली दे दी गई। अन्य मरीजों ने भी कुछ इसी तरह के अनुभव बताए। कमोबेश यही हाल सुल्तानिया अस्पताल का भी रहा।
कानून का भी डर नहीं
प्रदेश में लागू एस्मा (अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम) का मखौल उड़ाते हुए हमीदिया अस्पताल की स्टाफ नर्सेस बुधवार को हड़ताल पर रहीं। वहीं जिला प्रशासन ने भी एस्मा का उल्लंघन करने वालीं हड़ताली नर्सो की गिरफ्तारी नहीं की।
पुलिस की मौजूदगी में ही मध्यप्रदेश नर्सेस एसोसिएशन की हड़ताली नर्सो ने अस्पताल से रॉयल मार्केट तक रैली निकाली। इससे पहले स्टाफ नर्सेस ने हमीदिया अस्पताल की ओपीडी के सामने मीटिंग कर सरकार विरोधी नारे लगाए।
हड़ताली स्टाफ नर्सेस को गुरुवार सुबह तक काम पर लौटने के लिए कहा गया है। उन्हें प्रदेश में एस्मा लागू होने की जानकारी दे दी गई है। यदि स्टाफ नर्सेस गुरुवार को हड़ताल समाप्त नहीं करतीं, तो उनके खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई की जाएगी-डॉ.निर्भय श्रीवास्तव,डीन,गांधी मेडिकल कॉलेज
छठे वेतनमान,नियमित पदोन्नति सहित कुछ अन्य मांगों को लेकर हम लोगों ने अनिश्चतकालीन हड़ताल की है। सरकार को हड़ताल की सूचना एक माह पहले दे दी गई थी। मांगे पूरी होने पर ही हमारी हड़ताल समाप्त होगी-"मंजू मेश्राम,जिला अध्यक्ष,मध्यप्रदेश नर्सेस एसोसिएशन (दैनिक भास्कर,भोपाल,3.2.11)
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