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02 फ़रवरी 2011

भोपालःअब ड्रेस कोड में दिखेंगी गीतांजलि कॉलेज की छात्राएं

गीतांजलि ग‌र्ल्स कालेज की छात्राओं को आगामी सत्र से ड्रेस कोड में कालेज आना होगा। कालेज प्रशासन ने छात्राओं के बीच होने वाले मतभेद को खत्म करने के लिए यह निर्णय लिया है। इन नियम को पालन नहीं करने वाली छात्राओं पर फाइन लगाया जाएगा। हालांकि अभी फाइन की राशि निर्धारित नहीं की गई है। कालेज प्राचार्य डॉ. डाली मल्होत्रा का कहना है कि कालेज के प्रास्पेक्टर में अभी तक ड्रेस के लिए अवांछनीय शब्द का उपयोग किया गया है, जिसके कारण छात्राओं को ड्रेस पहनने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता था। आगामी सत्र में छात्राओं को ड्रेस अनिवार्य की जाएगी, जिसके चलते हर छात्रा को ड्रेस में ही कालेज आना होगा। प्राचार्य मल्होत्रा का कहना है कि ड्रेस कोड लागू करने का कारण छात्रों में समानता लाना है। क्योंकि अधिकतर छात्राएं गरीब परिवार से हैं। जबकि कुछ छात्राएं पोशाक को लेकर प्रतिस्पर्धा करती हैं, ऐसे में उनमें हीन भावना जन्म लेती हैं। इस फर्क को मिटाने कालेज में ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। महिला प्रोफेसरों पर सख्ती : कालेज प्रशासन ने कहा है कि महिला प्रोफेसरों को भी साड़ी में कालेज आने के लिए कहा जाएगा। ताकि छात्राओं और उनमें फर्क किया जा सके। वहीं प्रोफेसर भी पैंट शर्ट में आएंगे। हालांकि सभी प्रोफेसर सामान्य पोशाक में कालेज आ रहे हैं। प्राचार्य का कहना है कि साड़ी भारतीय संस्कृति का परिधान हैं, जिसे धारण कर ही महिला प्रोफेसरों को कालेज आना चाहिए(अमर उजाला,भोपाल,2.2.11)।

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