अंग्रेजी समझने के बावजूद अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित नहीं कर पाने वाले विद्यार्थियों की मुश्किलें अब दूर हो जाएंगी। शिक्षा विभाग ने नवाचार के रूप में सेलफोन एडेड लर्निग (सी.पी.ए.एल.) महत्वाकांक्षी योजना बनाई है।
इसके तहत माध्यमिक शिक्षा आयुक्त भास्कर ए. सावंत के नेतृत्व में विषय विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। योजना के क्रियान्वयन का जिम्मा अंग्रेजी भाषा शिक्षण संस्थान (ई.एल.टी.ई.) को सौंपा गया है। प्रथम चरण में कक्षा नौ के पाठ्यक्रम की ऑडियो रिकार्डिंग तैयार की जा रही है। यह रिकार्डिग संभवत: एक जुलाई तक पूर्ण कर सरकारी विद्यालयों तक पहुंचाई जाएगी। द्वितीय चरण में कक्षा दस के लिए ऑडियो रिकार्डिüग होगी। योजना नि:शुल्क है।
चुनौती होगी खत्म
सीपीएएल योजना की प्रोजेक्ट डायरेक्टर कविता डी. का कहना है कि राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी भाषा का अध्ययन हमेशा चुनौती रहा है। अधिकांश विद्यार्थी अंग्रेजी में अभिव्यक्ति की क्षमता नहीं रखते। इसका कारण यह है कि उन्हें अंग्रेजी सुनने के अवसर नहीं मिल पाते।
कक्षा नौ से लागू
वर्तमान में जो एन.सी.ई.आर.टी. का पाठ्यक्रम लागू किया गया है वह पूरी तरह से गतिविधि आधारित है तथा सीधे ही दैनिक जीवन से जुड़ा होकर रटंत विद्या को हतोत्साहित करने वाला है। ऎसे में सीपीएएल योजना से प्रथम चरण में कक्षा नौंवी के विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का प्रयास शुरू किया गया है। इससे विद्यार्थी भाषा की अभिव्यक्ति सुगमता से कर सकेंगे।
घर पर अध्ययन करते समय छात्रों के हाथ में पुस्तक होगी तथा शिक्षक की आवाज होगी जो अप्रत्यक्ष रूप से शिक्षक की उपस्थिति निर्धारित करेगी। योजना क्रियान्वयन के लिए गठित टीम की ई.एल.टी.ई. बीकानेर में हाल में दो दिवसीय कार्यशाला रखी गई थी।
सभी सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क
पाठ्यपुस्तक के सभी पाठों के अलावा उपयोगी वार्तालाप एमपी-थ्री फॉरमेट में रिकार्ड कर वेबसाइट ईएलटीआई व सीटीओआर डॉट इन पर व सीडी के रूप में सरकारी विद्यालयों में नि:शुल्क उपलब्ध होगा। ऑडियो सामग्री मल्टीमीडिया मेमोरी कार्ड में छात्रों को मिलेगी। इसे वे घर पर मोबाइल या आई पॉड की सहायता से सुन पाएंगे।
(सुरेश बोड़ा,राजस्थान पत्रिका,बीकानेर,18.4.11)
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