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18 अप्रैल 2011

मध्यप्रदेशःकापियों के बंडल में मिलीं सामूहिक नकल की सीडी

क्या बोर्ड परीक्षाओं में एक ही रोल नंबर पर चार लोग परीक्षा दे सकते हैं? मामला चंबल- ग्वालियर संभाग का हो तो इसे हां ही मानिए। दसवी-बारहवीं की कई कापियां इसकी गवाह हैं, जिसमें हर प्रश्न का उत्तर अलग राईटिंग में दिया गया है। लिखावट ही बता रही है कि परीक्षा हॉल में तैनात शिक्षक भी हुनर दिखाने में पीछे नहीं रहे। नकल करने को मिली आजादी का हाल यह है कि छह-छह सौ कापियों में हिज्जा व कामा भी मिला-मिलाकर लगाए गए हैं। बोर्ड परीक्षाओं में जमकर हुई नकल के नजारे खुल रहे हैं मूल्यांकन में। एक अप्रैल से प्रदेश भर में दसवीं और बारहवीं का मूल्यांकन चल रहा है। इसमें चंबल-ग्वालियर संभाग (जिलों के नाम गोपनीयता की वजह से छापे नहीं जा रहे)की कापियां इन जिलों की पुरानी छवि को एक बार फिर ताजा कर रही हैं। ऐसी-ऐसी कापियां सामने आ रही हैं, जिन्हें देखकर मूल्यांकनकर्ता शिक्षक ही हैरान हैं। इतना ही नहीं इन कापियों के कारण मूल्यांकन की गति भी प्रभावित हो रही है। हाल यह है कि हर रोज बड़ी संख्या में ऐसी कापियां हाथ लग रही हैं, जिनमें पूरे बंडल की शत प्रतिशत कापियों में पहले से अंतिम प्रश्न तक एक समान उत्तर लिखे गए हैं। एक केंद्र की तो पूरी 600 कापियों में ही सारे प्रश्नों के उत्तर अक्षरश: मिल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो हिंदी में भी खुलकर नकल कराई गई है। बचा रहे हैं मंडल के नियम : सारे सबूतों के बावजूद मंडल के नए नियम नकलची छात्रों को बचा रहे हैं। नियमानुसार एक तिहाई प्रश्नों का जवाब समान होने पर ही सामूहिक नकल माना जाएगा। मगर न तो किसी को फेल किया जाएगा और न किसी को शून्य ही मिलेगा(प्रवीण शर्मा,भोपाल,18.4.11)।

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