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18 अप्रैल 2011

कम्युनिटी कॉलेज

कम पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा अपना भविष्य कैसे और किस क्षेत्र में बनाएं यह सवाल हर आम आदमी के मन में उठता रहता है। उच्च शिक्षा और नामी-गिरामी शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़कर अपना भविष्य संवारने का सपना हर कोई पूरा नहीं कर सकता। लेकिन देश में चल रहे कम्युनिटी कॉलेज आम लोगों की करियर संबंधी खास जरूरतों को पूरा कर युवाओं के सुखद भविष्य के सपनों को जरूर साकार कर रहे हैं।

गरीब और सामान्य वर्ग के कम पढ़े-लिखे युवाओं को भी अपना करियर बनाने में यह कॉलेज सहयोगी साबित हो रहे हैं। खास बात यह है कि यह शिक्षण संस्थान युवाओं में विशेषज्ञता विकसित कर स्थानीय उद्योग व कारोबार में उन्हे रोजगार हासिल करने में मदद दे रहे हैं। दिल्ली कम्युनिटी कॉलेज के निदेशक कैप्टन कृष्ण कुमार के मुताबिक देश में यह कॉन्सेप्ट नया जरूर है लेकिन रोजगार के अवसर बढ़ाने में बेहद मददगार है। यह कॉलेज डिप्लोमा और डिग्री देकर युवाओं को आगे बढ़ने का रास्ता दिखा रहे हैं।


इग्नू के प्रवक्ता के मुताबिक, देशभर में लगभग १०० ऐसे कम्युनिटी कॉलेजों का संचालन लगभग १५ राज्यों में किया जा रहा है। शिक्षण-प्रशिक्षण का यह रूप वैकल्पिक शिक्षा प्रणाली के रूप में सामने आया है। कम्युनिटी कॉलेज इंडियन सेंटर फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑफ कम्युनिटी एजूकेशन (आईसीआरडीसीई) से संबद्ध हैं। इसी संस्थान द्वारा कम्युनिटी कॉलेज की अवधारणा का संचालन किया जाता है।


कैसे-कैसे कोर्स

कम्युनिटी कॉलेज में तीन तरह का शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जाता है : डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स। इसमें बीएससी फायर इंजीनियरिंग, फायर टेक्नालॉजी इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी मैनेजमेंट, फायर फाइटिंग, फायर एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी, डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल सेफ्टी सहित विभिन्न प्रकार के कोर्स कराए जाते हैं।

एग्रीकल्चर, अकाउंटिंग, एनीमल साइंस, कला, बिजनेस टेक्नालॉजी, कम्युनिटी डेवलपमेंट एजुकेशन, कंप्यूटर साइंस, सूचना-तकनीक, इलेक्ट्रिकल, फिटनेस एंड वेलनेस, फायर साइंस, फैशन डिजाइन एंड क्लोदिंग, स्पोर्ट्स साइंस, भाषा विज्ञान, नर्सिंग असिस्टेंट्स, ऑप्टिकल साइंस, मेडिकल असिस्टेंट, मार्केटिंग और साहित्य सहित सैकड़ों तरह के कोर्स मौजूद हैं।

किस क्षेत्र में मिल सकता है रोजगार

किसी भी कम्युनिटी कॉलेज से डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करने के बाद अग्नि शमन, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा यानी सिक्योरिटी, फैशन, स्वास्थ्य, कंप्यूटर शिक्षा द्वारा औद्योगिक व कारोबारी प्रतिष्ठानों या कंपनियों, सहित फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और मीडिया के क्षेत्र में आगे बढ़ा जा सकता है। कई संस्थान अपने विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर दिलाने के लिए कैंपस प्लेसमेंट की व्यवस्था भी कराते हैं। यह कोर्स करने के बाद कोई भी व्यक्ति खुद का काम-धंधा भी शुरू कर सकता है।

शैक्षिक योग्यता

कम्युनिटी कॉलेजों द्वारा चार तरह की योग्यता के अनुसार पाठ्यक्रम कराए जाते हैं-

* दसवीं से कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए छह माह के सर्टिफिकेट प्रोग्राम और ब्रिज कोर्स कराए जाते हैं। इसके साथ शिक्षण के द्वारा दसवीं के बराबर शैक्षिक स्तर पर लाकर आगे के कोर्सों के समकक्ष बनाया जाता है।

* दसवीं पास अभ्यर्थियों के लिए एक साल के डिप्लोमा कोर्स मौजूद हैं। जिनके द्वारा करियर बनाने में मदद मिलती है।

* बारहवीं पास युवाओं के लिए अलग से कोर्सों की व्यवस्था है।

* दो वर्ष का एसोसिएट डिग्री कार्यक्रम करने के बाद तीन साल के डिग्री कोर्स में प्रवेश मिल सकता है।

कहां से करें कोर्स

* एनआरएआई इंस्टिट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग, एम-१६़१/१ए, जीएल हाउस, गौतम नगर, नई दिल्ली-४९. फोनः ४१६४२९५८, ५९, ६०

* नेम इंस्टिट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग, ४९, सावित्री नगर, नई दिल्ली-१७. फोनः २६०१३५६९, २६०१६५४९

* दिल्ली कम्युनिटी कॉलेज, जी-६८०, राजनगर पार्ट-२, सेक्टर-७, द्वारका फोनः ३२४७४७००, २५३६६५१७

* इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, मैदानगढ़ी, नई दिल्ली(हीरेन्द्र सिंह राठौड़,नई दुनिया,दिल्ली,18.4.11)।

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