प्रदेश के इंजीनियरिंग कालेजों में प्रबंधन पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए शनिवार को पूरे प्रदेश में 41 केन्द्रों पर परीक्षा हुई। इनमें राजधानी के चार केन्द्र भी शामिल हैं। यहां तीस फीसद छात्र परीक्षा देने नहीं आए। एसईई में पहली बार एक प्रश्नपत्र होने से छात्रों को जवाब देने में काफी सहूलियत रही। यही नहीं ऋणात्मक मूल्यांकन न होने से छात्रों ने सभी सवालों के जवाब दिये। एसईई (नोएडा) के समन्वयक प्रो. ओंकार सिंह ने बताया कि एमबीए में 25497 अभ्यर्थियों में दस फीसद गैर हाजिर रहे। इसी प्रकार एमसीए के लिए पंजीकृत 15378 अभ्यर्थियों में 93 प्रतिशत ने हिस्सा लिया। होटल मैनेजमेंट व फैशन डिजाइनिंग में पंजीकृत 5020 अभ्यर्थियों में 37 फीसदी गैरहाजिर रहे, जबकि सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश के लिए पंजीकृत 11,297 में 40 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। राज्य प्रवेश परीक्षा के पहले दिन राजधानी में इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी (आईईटी), राम स्वरूप इंजीनियरिंग कालेज, बीबीडी इंजीनियरिंग कालेज व आजाद इंजीनियरिंग कालेज परीक्षा केन्द्रों पर एमबीए, एमसीए, होटल मैनेजमेंट, फैशन डिजाइनिंग और द्वितीय वर्ष में प्रवेश के लिए हुई परीक्षा में 30 फीसदी अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। आईईटी के निदेशक व नोडल प्रभारी प्रो. एके श्रीवास्तव ने कहा कि कुछ कमरों में तो 50 फीसदी तक अभ्यर्थी नदारद थे। एसईई की बीटेक की मुख्य परीक्षा रविवार को 29 परीक्षा केन्द्रों पर होगी और इसमें 25 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। रविवार को बीटेक के साथ द्वितीय पाली में बी आर्किटेक्चर की परीक्षा भी होगी।
बीटेक में कम हुए गणित के सवाल :
बीटेक में प्रवेश के लिए इस बार सिर्फ एक पेपर ही होगा। इसमें फिजिक्स, कमेस्ट्री और गणित के सवाल पूछे जाएंगे। इस बार गणित के सवालों को 75 से घटाकर 50 कर दिया गया है। विशेषज्ञों ने छात्रों को सभी सवाल अटेण्ड करने की राय दी है। सूत्रों का कहना है कि बी आर्किटेक्चर में शामिल होने के लिए इस बार अलग पेपर देना जरूरी होगा।
एसईई और एनडीए परीक्षाएं टकरायी:
बीटेक में प्रवेश के लिए एसईई व सेना में नौकरी के लिए एनडीए की परीक्षा एक ही दिन टकरा गयी। इसको लेकर राजधानी के छात्रों में अंतिम दिन तक ऊहापोह की स्थिति रही। बीटेक की परीक्षा में रविवार को 25 हजार से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। इन छात्रों में तमाम अभ्यर्थियों ने एनडीए में भी आवेदन कर रखा है। दोनों ही परीक्षाएं एक दिन होने की वजह से अब छात्रों को एक परीक्षा छोड़नी पड़ेगी। इसको लेकर उनमें आक्रोश है(राष्ट्रीय सहारा,लखनऊ,17.4.11)।
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