सॉफ्टवेयर कंपनी ने नौकरी के नाम पर इंजीनियरिंग के छात्रों से धोखाधड़ी की। करीब दो दर्जन छात्रों से नौकरी देने के नाम पर 50-50 हजार रुपये लिए गए। उनसे मोटी तनख्वाह का वादा किया गया था। झूठे आश्वासन देकर दिसंबर 2010 से उनसे काम कराया जा रहा था। खुद के साथ ठगी का एहसास होने पर छात्रों ने पुलिस से शिकायत की। सॉफ्टवेयर कंपनी रेड सेल टेक्नोलॉजी बी ब्लॉक सेक्टर 63 में स्थित है। कंपनी ने दिसंबर 2010 में भारी संख्या में इंजीनियरों के लिए भर्ती निकाली। विभिन्न शहरों के करीब सौ छात्रों को नौकरी दी गई। फरीदाबाद के इंजल रॉय का कहना है कि नौकरी देने के दौरान पचास हजार रुपये लिए गए। उन्हें जो नियुक्ति पत्र दिया गया, उसमें बताया गया कि ट्रेनिंग के दौरान सात हजार रुपये मिलेंगे। उसके बाद 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ष दिया जाएगा। छात्र उसके बाद से कंपनी में लगातार काम कर रहे थे। पहले एक माह तो उन्हें तनख्वाह दी गई, फिर टरकाया जाता रहा। अप्रैल तक उन्हें पैसे नहीं मिलने पर उनके सब्र का बांध टूट गया। शनिवार को दो दर्जन छात्र कोतवाली सेक्टर 58 पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की। पुलिस ने छात्रों को लेबर कोर्ट भेज दिया। लेबर कमीश्नर बीपी दुबे कंपनी पहुंचे। उनका कहना है कि प्रबंधन को सोमवार तक का समय दिया गया है। इसके बाद कंपनी मालिक की संपत्ति जब्त की जाएगी।
इंटरनेट से छात्रों को मिली थी भर्ती की जानकारी :
झांसी के अंजुल साहू का कहना है कि उसे इंटरनेट से भर्ती का पता चला। जनवरी में पचास हजार रुपये लेकर उसे नौकरी दी गई थी। वह लगातार बगैर तनख्वाह के काम कर रहा था। नोएडा के मुकेश शर्मा और भिवानी (हरियाणा) के अरविंद ने बताया कि कंसलटेंसी कंपनी के जरिए वह रेड सेल टेक्नोलॉजी में पहुंचे थे।
आर्थिक तंगी के कारण नहीं दी गई तनख्वाह :
कंपनी के एमडी आशीष झा का कहना है कि छात्रों को आर्थिक तंगी के कारण तनख्वाह नहीं दी गई। जल्द ही कर्मचारियों को सैलरी दी जाएगी। पचास हजार रुपये सिक्योरिटी के तौर पर लिए गए थे। यह रकम वापस की जाएगी(दैनिक जागरण,नोएडा,17.4.11)।
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