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17 अप्रैल 2011

मध्यप्रदेशःसीबीएसई स्कूलों में तैनात होंगे राजपत्रित अधिकारी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों की प्रबंध कमेटी में राजपत्रित स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति शिक्षा विभाग द्वारा की जाएगी। साथ ही एमपी बोर्ड से संबंधित स्कूलों में जनशिक्षकों को नामांकित किया जाएगा। आगामी तीन-चार दिनों में संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय से सूची जारी हो जाएगी। राज्य शासन के नियमानुसार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के खुलने के पहले एक घोषणा पत्र भरवाया जाता है। उक्त घोषणा पत्र में सीबीएसई व आईसीएससी स्कूल संचालक द्वारा राज्य शासन के समय-समय पर जारी नियम मानने को बाध्य होते हैं। लेकिन अधिकांश सीबीएसई स्कूल राज्य शासन के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हैं और उनके निर्देशों को मानने से ही इंकार कर देते है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद से प्रायवेट स्कूलों की 25 फीसदी सीट गरीब बच्चों को देने का मामला, सीबीएसई स्कूलों में बेतहाशा फीस वृद्धि व किताबों को स्कूल से देना आदि कई मामलों में मनमानी चल रही है। इस पर राज्य सरकार ने कुछ अंकुश लगाने की कोशिश की है, बावजूद उसके स्कूल संचालकों ने विशेष दुकान से अभिभावकों को किताब खरीदने के लिए बाध्य करने के नए-नए तरीके इजाद कर लिए है। वहीं शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत पच्चीस फीसदी सीटों पर प्रवेश देने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से प्रायवेट स्कूलों में एक व्यक्ति की नियुक्ति होना है ताकि सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित हो सके। इसे देखते हुए संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय ने सीबीएसई स्कूलों में राजपत्रित स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति के लिए नाम तय कर लिए है। वहीं एमपी बोर्ड से संबंध स्कूलों में जनशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। विभाग द्वारा नियुक्त अधिकारी राज्य शासन के समय-समय पर जारी नियमों का पालन सुनिश्चित कराएंगे।

नियुक्ति में बीता एक साल
सीबीएसई स्कूलों की प्रबंध समिति में शिक्षा विभाग का एक अधिकारी नियुक्त होने का पुराना आदेश है। सीबीएसई स्कूलों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से 23 जुलाई 2010 को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पुन: दिशा निर्देश जारी कर स्कूलों में सक्षम अधिकारी की जल्द नियुक्ति करने के लिए कहा। जारी आदेश में सीबीएसई व आईसीएसई से संबद्ध विद्यालयों की प्रबंध कार्यकारिणी में विभाग के सक्षम अधिकारी को नामांकित करना। नामांकित अधिकारी को शासन द्वारा जारी अनापत्ति की शर्त एवं सीबीएसई व आईसीएससी के द्वारा संबद्धता संबंधी शर्तो का पालन सुनिश्चित कराना होगा। नामांकित अधिकारी ही शिक्षा के नि:शुल्क एवं अनिवार्य अधिकार अधिनियम के अवधि का पालन सुनिश्चित कराएंगे। यदि किसी प्रकार की उल्लंघन की स्थिति प्रतीत होती है तो संबंधित संयुक्त संचालक जांच दल गठित कर विस्तृत जांच कराकर शासन को प्रतिवेदन भेजेंगे। जिस पर नियमानुसार निर्णय शासन द्वारा पत्र प्राप्ति के एक माह की समय सीमा में लिया जाएगा।(दैनिक जागरण,भोपाल,17.4.11)।

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