राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ऐसे छात्रों पर नकेल कसने की तैयारी कर रहा है जो कम उपस्थिति के बाद भी परीक्षा में शामिल हो जाते थे। विवि ऐसे कालेज पर भी शिकंजा कसेगा जो छात्रों से कम उपस्थिति के बदले मोटा फाइन वसूलकर फार्म अग्रेषित कर देते हैं। परीक्षा का कायदा बना रहे इसलिए आरजीपीवी ने कालेज से पहले फार्म अग्रेषित कराने का निर्णय लिया है। इसके बाद छात्र फार्म भर पाएंगे। आरजीपीवी की परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत होना अनिवार्य है। कालेज 40 से 50 प्रतिशत उपस्थिति रखने वाले छात्रों की उपस्थिति ठीक कर परीक्षा फार्म अग्रेषित कर देते थे। इस अनियमितता को रोकने के लिए आरजीपीवी ने निर्णय लिया है कि परीक्षा फार्म पहले कालेज अग्रेषित करेगा। इसके बाद छात्र पोर्टल पर फार्म जमा करेगा। कालेजों को उन छात्रों के फार्म को रोकना होगा, जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी। इससे उन छात्रों पर अंकुश लगेगा जो कालेजों को फाइन देकर फार्म अग्रेषित करा लेते थे।
कम प्रतिशत तो परीक्षा से बाहर :
आरजीपीवी ने सभी छात्रों की उपस्थिति को हर 15 दिन में आनलाइन करने का प्रबंध किया है। इसमें छात्रों को परीक्षा के पहले सूचित किया जाएगा कि उसकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम है। वह कक्षाओं में उपस्थिति बरकरार रखे वरना परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके बाद भी छात्र नहीं मानते तो कालेज ऐसे छात्रों के फार्म अग्रेषित नहीं करेंगे। ताकि इन छात्रों को परीक्षा से बाहर किया जा सके। लगेगा फाइन की प्रथा पर अंकुश : कम उपस्थित होने के कारण कालेज छात्रों से पांच सौ से तीन हजार रुपए प्रति सेमेस्टर तक का फाइन लगाते थे। पर आरजीपीवी के पास उपस्थिति होने पर कालेज ऐसे छात्रों का चाहकर भी फार्म अग्रेषित नहीं कर पाएंगे। ऐसे में कक्षाओं से दूर रहने वाले छात्र क्लास में नजर आएंगे तो वहीं फाइन के नाम पर वसूली करने वाले कालेज पर नकेल लगेगी(दैनिक जागरण,भोपाल,18.4.11)।
बहुत बढिया। आभार।
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