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24 जून 2011

ग्वालियरःकेआरजी कॉलेज में मोबाइल पर पाबंदी

केआरजी कॉलेज में छात्राएं नए सत्र से मोबाइल फोन लेकर नहीं जा सकेंगी। कॉलेज प्रशासन ने कैंपस में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। शिक्षकों को भी कक्षाओं में पढ़ाते समय अपने मोबाइल साइलेंट मोड पर रखने को कहा गया है।
कॉलेज प्रशासन ने गुरुवार को जारी आदेश में कहा है कि नए सत्र से कैंपस के अंदर कोई भी छात्रा मोबाइल फोन लेकर नहीं आएगी। कॉलेज प्रशासन का तर्क है कि कैंपस में छात्राएं पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय मोबाइल फोन पर बातें करने में व्यस्त रहती हैं।
यदि किसी छात्रा के पास मोबाइल फोन पाया गया तो उसे जब्त कर लिया जाएगा और तभी लौटाया जाएगा जब उसके अभिभावक आकर इस बात का आश्वासन देंगे कि अब उनकी बेटी मोबाइल फोन लेकर नहीं आएगी।
पिछले वर्ष भी जारी हुआ था आदेश:
केआरजी में पिछले वर्ष भी सत्र के शुरुआत में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन यह कुछ ही दिनों में फ्लॉप हो गया।
हॉस्टल में पहले से है प्रतिबंध:
केआरजी के हॉस्टलों में पहले से ही मोबाइल फोन रखने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद छात्राएं मोबाइल रखती हैं।
जरूरत पर प्राचार्य दफ्तर से करें फोन

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को यदि जरूरी बात करनी है तो वे प्राचार्य कार्यालय में लगे फोन का उपयोग कर सकती हैं। यदि अभिभावकों को छात्राओं से संपर्क करना है तो वे प्राचार्य कार्यालय में फोन नंबर 2625495 पर कॉल कर सकते हैं।
ड्रेस कोड का प्रस्ताव शासन के पास लंबित
चार माह पहले कुछ छात्राओं की मांग के आधार पर कॉलेज प्रशासन ने ड्रेस कोड लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। हालांकि कुछ माह पहले उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मी कांत शर्मा ने कहा था कि कॉलेज खुद अपने स्तर पर चाहें तो ड्रेस कोड लागू कर सकते हैं।
जेसी मिल कॉलेज में भी है प्रतिबंध
जेसी मिल कन्या कॉलेज में एक साल पहले ही मोबाइल फोन लाने पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। हालांकि छात्राओं ने शुरू में इस बात का विरोध किया था लेकिन कॉलेज प्रशासन ने आदेश को वापस नहीं लिया। इस कॉलेज में लगभग 1300 छात्राएं पढ़ रही हैं।
बात की तो मोबाइल फोन जब्त कर लेंगे
कैंपस में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नए सत्र से छात्राएं कैंपस में मोबाइल फोन पर बात करती पकड़ी गईं तो उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए जाएंगे।
डॉ. अर्चना भारद्वाज, प्राचार्य, केआरजी कॉलेज(दैनिक भास्कर,ग्वालियर,24.6.11)

1 टिप्पणी:

  1. रोक सको तो रोक लो
    एक छात्र २४ घंटों मे से ओसत ५-६ घंटे मोबाईल के प्रयोग मे बिता देता है गंभीर समस्या ...
    अगर देखा जाए तो हम अपने छात्र जीवन मे ८-१० घंटे ट्रान्जिस्टर सुनने मे बिता दिया करते थे तब हमारे कोलिज मे भी इस पर प्रतिबंध लगा था
    ये तो वक्त वक्त की बात है जी ....

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