मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

05 जुलाई 2011

क्या स्कूलों में ही होनी चाहिए सामान्य अध्ययन की पढ़ाई?

भोपाल के विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त छात्रों और कोचिंग संचालकों के मुताबिक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग पर आने वाले 25 फीसदी छात्र ही जनरल स्टडीज (जीएस) विषय के लिए पहले ही कुछ हद तक तैयार रहते हैं। बाकि छात्रों को मोटिवेट करना होता है कि वे जनरल स्टडीज के पेपर को लेकर गंभीर हो जाएं क्योंकि इंग्लिश, मैथ्स जैसे विषय को स्कूल या कॉलेज में पढ़े होते हैं लेकिन जीएस से नाता नहीं होता। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण, स्कूल या कॉलेज में छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जागरूक नहीं किया जाता।

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाले सेंटर की हेड मनीषा आनंद कहती हैं, स्कूल या कॉलेज में करिकुलम से जुड़े विषय के अलावा जनरल स्टडीज के लिए क्विजर्स क्लब तैयार किए जा सकते हैं ताकि स्टूडेंट्स का बैकअप तैयार होता जाए। जब स्टूडेंट्स कोचिंग पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आते हैं तो सबसे ज्यादा वक्त उन्हें इसी विषय को तैयार करने में लगता है। बेहतर है स्कूल से ही नियमित न्यूजपेपर और जीएस मैग्जीन पढ़कर नोट्स बनाने शुरू कर दें। हालांकि अब सेंट जोसफ को-एड, डीपीएस व महर्षि विद्यामंदिर सहित कुछ स्कूलों ने इस ओर ध्यान देना शुरू किया है।


जीएस की वजह से ही चूकी
कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लेट) में ऑल इंडिया रैंक छठवीं और स्टेट रैंक पहली हासिल करने वाली सुरभि लाल कहती हैं, जीएस के कारण पिछले साल क्लेट में मेरा चयन नहीं हुआ। मुझे पता ही नहीं था कि जीएस के लिए काफी पहले से तैयारी की जानी चाहिए। दूसरे प्रयास में मैंने यह परीक्षा पास की। स्कूल को किताबी पढ़ाई पर फोकस करने की बजाए प्रतियोगी परीक्षा के हिसाब से भी स्टूडेंट्स को तैयार करना चाहिए। 

मोटिवेट करना होता है
इंग्लिश और जीएस की फैकल्टी नीलम मलकानी कहती हैं, जनरल स्टडीज में सभी कुछ शामिल होता है इसलिए कुछ विषयों में छात्रों की रुचि विकसित करना पड़ती है। जैसे पॉलिटिक्स इकोनॉमिक्स और जियोग्राफी जैसे विषय किताबों से पढ़वाने की बजाए ग्रुप डिस्कशन के जरिए समझाते हैं। क्लास में आने वाले 10 फीसदी छात्र ही पहले से ही जीएस से जुड़े होते हैं।

इंग्लिश के जरिए जीएस 
इंग्लिश में रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन तैयार करवाते वक्त करंट अफेयर्स से जुड़े टॉपिक्स पेपर में देते हैं क्योंकि रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन में टू द पाइंट जवाब देना होता है इस बहाने छात्र करंट अफेयर्स के कंटेंट को पढ़ पाते हैं। 

जीएस की तैयारी के लिए साइट्स

- नियमित रूप से जनरल अवेयरनेस के लिए न्यूजपेपर और ई-न्यूजपेपर पढ़े। सेल्फ-नोट्स तैयार करते रहें।
- कठिन टॉपिक्स का प्रेजेंटेशन बनाएं।
- जीडी को प्रैक्टिस में लाएं।
- रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन के लिए करंट अफेयर्स के टॉपिक पढ़ें इससे करंट अफेयर्स भी तैयार होंगे साथ ही साथ इंग्लिश का सेक्शन भी तैयार होगा(प्रीति शर्मा,दैनिक भास्कर,भोपाल,5.7.11)।

1 टिप्पणी:

  1. यह पढ़ाई बहुत ज़रूरी है। आपने ढ़ेर सारे लिंक देकर बहुत अच्छा गाइड किया है।

    उत्तर देंहटाएं

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।