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18 अगस्त 2011

कानपुरःइंजीनियरिंग कालेजों में दाखिले का खाता नहीं खुला

राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) 2011 की पहले, दूसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया खत्म हो चुकी है, लेकिन शहर के निजी इंजीनियरिंग कालेजों में दाखिले का बुरा हाल है। सात इंजीनियरिंग कालेज ऐसे हैं, जिनका कि काउंसिलिंग से दाखिले का खाता तक नहीं खुला है। इससे इन कालेजों की शैक्षिक गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गौतम बुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय (जीबीटीयू) से संबद्ध शहर में 27 सरकारी और गैर सरकारी इंजीनियरिंग कालेज हैं। इनमें से ज्यादातर की सीटें नहीं भर सकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छे विद्यार्थियों ने प्राविधिक विश्वविद्यालय से किनारा कर लिया है। इस कारण प्रवेश परीक्षा, काउंसिलिंग प्रक्रिया फेल हो गई है। यही वजह है कि प्रवेश परीक्षा के आयोजक एमटीयू प्रशासन ने सभी सीटें भर पाने में असमर्थता जताई है।

एसईई के समन्वयक प्रोफेसर ओंकार सिंह का कहना है कि प्रदेश के 30 सरकारी, गैर सरकारी इंजीनियरिंग कालेज ऐसे हैं, जिनकी सभी सीटें भर सकी हैं। यानी 320 इंजीनियरिंग कालेजों की सीटें खाली हैं। यही वजह है कि इंटरमीडिएट में 50 फीसदी अंक पाने वाले विद्यार्थियों को सीधे दाखिले का विकल्प दे दिया गया है। अब सभी तकनीकी संस्थान सीधे सीटें भर सकते हैं। 
संस्थान----------- काउंसिलिंग से लॉक विकल्प
अनुभव इंस्टीट्यूट---------शून्य
विजन इंस्टीट्यूट-----------शून्य
नारायणा विद्यापीठ----------शून्य
रामा इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी-शून्य
एसएसए------------------शून्य
जीपीआरडी----------------शून्य
इंडस----------------------शून्य
प्रभात इंजीनियरिंग कालेज------1
विद्याभवन------------------1
आरआईईटी------------------2
एलन हाउस------------------3
केजीईसी--------------------4
अपोलो----------------------4
कृष्णा इंस्टीट्यूट---------------10
एक्सिस----------------------11

क्या है वजह
खराब प्लेसमेंट, लैब, लाइब्रेरी और कंप्यूटर सहित अन्य सुविधा - संसाधनों का न होना, अच्छी फैकल्टी की कमी, बेहतर प्लेसमेंट न होने के बाद भी ज्यादा फीस वसूलना, प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या कम होना, प्रवेश परीक्षा में शामिल होने की अंक अनिवार्यता 50 फीसदी किया जाना। 

सीधे सीटें भरने का दावा
कानपुर शहर के ज्यादातर तकनीकी संस्थानों का दावा है कि भले ही काउंसिलिंग से विद्यार्थी नहीं मिले हों, लेकिन सीधे दाखिले को लेकर पंजीकरण पूरा किया जा चुका है। 19 अगस्त से सीटें भरी जाएंगी। यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक पूरी करके संबंधित विवि को दाखिले की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। 

तीन कालेजों की सीटें भरीं
राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) 2011 की आनलाइन काउंसलिंग से शहर के एचबीटीआई, पीएसआईटी और यूआईईटी सीएसजेएम विश्वविद्यालय की पूरी सीटें भर गई हैं। निजी तकनीकी संस्थानों की दाखिला प्रक्रिया में पीएसआईटी नंबर वन है। इसकी सीएस, मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स सहित सभी ट्रेड की 421 सीटें भर गई हैं। एपीईसी की 172 सीटें, केआईटी की 133 सीटें भरी हैं(अमर उजाला,कानपुर,18.8.11)।

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