भारत के मजबूत और व्यापक हो चुके वित्त बाजार नौकरियों की भरमार सी है। इसके बावजूद इस बाजार को काबिल लोग नहीं मिल पाते हैं क्योंकि वित्तीय बाजार के लिए स्पेशलाइज्ड कोर्स का अभाव रहा है। सामान्य एमबीए करने वाले लोगों को इस बाजार में महारत हासिल करने में काफी वक्त लग जाता है। इसे देखते हुए देश के करीब १३६ साल पुराने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की सहायक कंपनी बीएसई टे्रेनिंग इंस्टिट्यूट (बीटीआईएल) ने दो साल का पूर्णकालिक "वित्त बाजार में एमबीए" (एमबीए इन फाइनेंशियल मार्केट) पाठ्यक्रम पिछले साल शुरू किया है। बीटीआईएल ने इसके लिए इग्नू से गठजोड़ किया है। इस प्रकार इसमें प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय इग्नू की डिग्री मिलती है और यह एआईसीटीई से मान्यताप्राप्त है।
आवेदन प्रक्रिया शुरू
बीएसई से वित्त बाजार में एमबीए करने पर देश के उभरते वित्तीय बाजार में आकर्षक नौकरी मिलने की संभावना काफी मजबूत हो जाती है। इस पाठ्यक्रम के दूसरे बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि १२ मार्च, २०१२ तक है। आवेदन फॉर्म बीएसई के मुंबई मुख्यालय या उसके क्षेत्रीय कार्यालयों से हासिल किए जा सकते हैं। जिन शहरों में बीएसई के कार्यालय नहीं हैं वहां एचडीएफसी बैंक की चुनिंदा शाखाओं से यह फॉर्म मिल सकते हैं। इसके अलावा फॉर्म को ऑनलाइन डाउनलोड भी किया जा सकता है।
इस पाठ्यक्रम में आवेदन स्नातक स्तर पर ५० फीसदी अंक हासिल करने वाला कोई भी छात्र कर सकता है। प्रवेश कैट, जीमैट या बीटीआई-ईटी में हासिल स्कोर के आधार पर होता है। बीटीआई कैट के पैटर्न पर ही एक प्रवेश परीक्षा आयोजित करती है जो अगले सत्र के लिए २५ मार्च को आयोजित होगी। बीटीआईएल के एमडी एवं सीईओ अंबरीश दत्त ने नईदुनिया को बताया, "यह एक ऐसा स्पेशलाइज्ड कोर्स है जो सिर्फ बीएसई में ही मिल सकता है। फाइनेंशियल मार्केट बहुत वैज्ञानिक और तकनीक आधारित हो गया है, इसके लिए स्पेशलाइजेशन की जरूरत है। बीएसई के पास फाइनेंशियल मार्केट का दशकों का अनुभव है।"
उन्होंने बताया, "इस पाठ्यक्रम में पढ़ाने वाले ज्यादातर लोग पूंजी बाजार के एक्सपर्ट होते हैं। हमारी फैक ल्टी में एकेडेमिक लोगों की संख्या कम और बाजार में कारोबार करने वाले व्यावहारिक लोगों की संख्या ज्यादा है। शेयर बाजार कारोबार की पढ़ाई छात्रों को रमेश दमानी, हेमेन कपाड़िया जैसे उन लोगों से मिलती है जो इस बाजार के एक्सपर्ट हैं।"
दत्त ने बताया, "यह पाठ्यक्रम सैद्धांतिक कम और प्रैक्टिकल ज्यादा है। एमबीए का इंस्टिट्यूट बीएसई की इमारत के अंदर ही है। इसके छात्र बीएसई में कंपनियों के लिस्टिंग समारोह में शामिल होते हैं, सेंसेक्स में कारोबार कैसे चलता है उसे देखते हैं। यह अनुभव कहीं और नहीं मिल सकता। हमारे यहां तमाम विदेशी एक्सपर्ट आते रहते हैं उनके लेक्चर का लाभ भी छात्रों को मिलता है। हमारी फैकल्टी में पीई फंड, फॉरेन एक्सचेंज में काम करने वाले लोग भी हैं जो अपने अनुभव को सीधे छात्रों को देते हैं।" दो साल के पाठ्यक्रम की फीस पांच लाख रुपए है जिस पर सर्विस टैक्स भी लगता है।
प्लेसमेंट में आसानी
बीएसई के देश के शीर्ष बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से रिश्ते हैं। इसलिए इन रिश्तों के आधार पर संस्थान एमबीए छात्रों को प्लेसमेंट में मदद करेगी। वित्त बाजार में एमबीए करने के बाद छात्रों को इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, इन्वेस्टमेंट फंड मैनेजमेंट, डेट एवं इक्विटी बाजार ब्रोकिंग फर्म, फॉरेक्स ट्रेडिंग फर्म, कमोडिटी ट्रेडिंग फर्म आदि में नौकरी मिल सकती है। इन सभी सेक्टर में काफी आकर्षक वेतन होता है। इसके अलावा इन सेक्टर में अगर कोई चाहे तो खुद का उद्यम भी खड़ा कर सकता है(दिनेश अग्रहरि,नई दुनिया,12.12.11)।
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