शिक्षा विभाग में जेबीटी और सीएंडवी श्रेणी के करीब 46 हजार शिक्षकों पर नए भर्ती एवं पदोन्नति नियम (आरएंडपी रूल) भारी पड़ गए हैं। इससे जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों की प्रमोशन रुक गई है। नए नियमों के अनुसार, जेबीटी और सीएंडवी श्रेणी से शिक्षक तभी टीजीटी बन पाएगा, जब उसके बीएड के साथ-साथ स्नातक (बीए/बीएससी/बीकॉम) कक्षा में 50 फीसदी अंक होंगे। वर्तमान में जेबीटी कैडर में करीब 30 हजार और सीएंडवी कैडर में 16 हजार शिक्षक है। हालांकि भर्ती के समय यह नियम नहीं था। अब यदि कोई शिक्षक अपने अंक बढ़ाना भी चाहे तो यह मुमकिन नहीं है। इस वजह से शिक्षकों में सरकार के इस फैसले के प्रति भारी रोष है।
300 की प्रमोशन रुकी
नई आरएंडपी रूल के कारण 300 शिक्षकों की प्रमोशन रुक गई है। हालांकि, विभाग में कुछ शिक्षक ऐसे भी है, जो नए नियमों पर खरा उतरते हैं। इसके बावजूद शिक्षकों का बड़ा वर्ग ऐसा है, जिनकी नए नियमों के कारण प्रमोशन रुक जाएगी। कैडर में सीनियर होने के बावजूद ये अभी उसी पोस्ट पर रहेंगे, जिस पर काम कर रहे हैं।
क्या हैं नए नियम
शिक्षा विभाग ने पहले बने नियमों को संशोधित किया गया है। पूर्व में लगे शिक्षकों पर स्नातक कक्षा और बीएड में 50 फीसदी अंकों की शर्त अनिवार्य नहीं थी। नए नियमों के अनुसार, अब शिक्षक तभी प्रमोशन प्राप्त कर सकेंगे, जब उनके स्नातक और बीएड में 50 फीसदी अंक होंगे।
किसका कितना कोटा
जेबीटी से टीजीटी पद पर 15 फीसदी शिक्षकों को प्रमोशन मिलनी बाकी है। इसी तरह सीएंडवी से टीजीटी पद के लिए 10 फीसदी शिक्षकों को प्रमोशन मिलनी है। अब सरकार यदि नए नियमों के अनुसार प्रमोशन देती है, तो वर्षो से सेवाएं दे रहे शिक्षक टीजीटी नहीं बन पाएंगे।
क्या है शिक्षकों की मांग
शिक्षकों का कहना है कि नए नियम उस दिन से लागू होने चाहिए, जिस दिन इसे बनाया गया है। उनका कहना है कि पूर्व में लगे शिक्षकों पर ऐसी शर्त नहीं थोपी जानी चाहिए। नए नियमों को नई भर्ती होने वाले शिक्षकों पर लागू किया जाना चाहिए, जिससे उनके हितों को नुकसान न पहुंचे।
पहले भी बदले गए हैं नियम
सरकार ने इससे पूर्व टीजीटी से पीजीटी (लेक्चरर) बनने के लिए नियमों को बदला है। यह नियम भी शिक्षकों के विरोध करने के आधार पर बदले हैं। इस तरह शिक्षक अब यह मांग कर रहे हैं कि जब टीजीटी कैडर को छूट मिल सकती है तो यही जेबीटी और सीएंडवी कैडर को भी ऐसी रियायत मिलनी चाहिए।
अध्यापक संघ ने बनाया दबाव
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष पीआर सांख्यान के अनुसार मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के अलावा मुख्य संसदीय सचिव वीरेंद्र कंवर से मामला उठाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार 46 हजार शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी प्रमोशन में आई बाधा को दूर करेगी।
क्या कहते हैं शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री आईडी धीमान का कहना है कि सरकार ने शिक्षकों के सभी वर्गो का ध्यान रखा है। जेबीटी और सीएंडवी श्रेणी की मांग को भी सरकार गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। सरकार प्रमोशन के अलावा नई भर्ती प्रक्रिया को भी जारी रखेगी(कुलदीप शर्मा,दैनिक भास्कर,शिमला,31.5.12)।
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